रूसी कंपनी को गैस की खोज के लिए मोहलत
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की एक बैठक में कंपनी की कार्य योजना को 18 महीने के अतिरिक्त समय के साथ मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही काम में विलंब के कारण हुए नुकसान के लिए कंपनी को जुर्माना भी अदा करना होगा।
उत्तर क्षेत्र में स्थित हाइड्रोकार्बन ब्लाक में गेल साझेदार थी। बाद में गेल इस साझेदारी से बाहर आ गई और ब्लाक का 100 प्रतिशत स्वामित्व रूसी कंपनी के पास आ गया। नई अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति के तहत नीलामी का पहला चक्र जनवरी 1999 में शुरू हुआ था।
कैबिनेट की बैठक के बाद एक अधिकारी ने कहा, "इस परियोजना में सरकार की ओर से कोई वित्तीय खर्च शामिल नहीं है। अन्वेषण के कार्य को संपन्न कराना ठेकेदार की जिम्मेदारी है, जिसमें हाइड्रोकार्बन का पता लगाया जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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