दम तोड़ते पुलिसकर्मी की मदद न करने वाले मंत्री बर्खास्त हों: जयललिता
तिरुनेलविली जिले में गुरुवार दोपहर अपराधियों के एक गिरोह ने उपनिरीक्षक आर. वेतरिवल पर हमला कर दिया था। जब पुलिसकर्मी जमीन पर खून में लथपथ पड़ा हुआ था उस वक्त मंत्री एम.आर.के. पेनीरसेल्वम और टी.पी.एम. मोहिदीन खान का काफिला वहां पहुंचे थे।
टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों से स्पष्ट है कि घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल पहुंचाने की बजाए दोनों मंत्री और उपस्थित पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर निष्क्रियता के साथ एम्बुलेंस आने का इंतजार कर रहे थे।
दर्द से कराह रहे और खून से लथपथ वेतरिवल ने कुछ समय बाद दम तोड़ दिया था।
जयललिता ने एक वक्तव्य में कहा कि दोनों मंत्रियों का अमानवीय व्यवहार डीएमके सरकार के सामान्य रुख का एक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि यदि घायल पुलिसकर्मी को मंत्रियों के काफिले के किसी वाहन से अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी।
जयललिता ने कहा कि केवल समाज विरोधी तत्व ही पुलिसकर्मी की मौत के जिम्मेदार नहीं हैं बल्कि दोनों मंत्रियों का अमानवीय व्यवहार भी इसके लिए जिम्मेदार है।
इस बीच तिरुनलविली के जिला कलेक्टर एम. जयरमन ने पत्रकारों से कहा है कि मंत्री और अधिकारी उक्त पुलिसकर्मी के समक्ष साबूत बम होने और नए हमले की आशंका से घबराए हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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