तेलंगाना पर बहुदलीय बैठक बेनजीता समाप्त (लीड-3)
पृथक तेलंगाना राज्य के गठन हेतु आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के.चंद्रशेखर राव ने कहा कि बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "हम केंद्र सरकार से अंतिम जवाब आने का इंतजार कर रहे हैं।"
इस बीच बैठक में हिस्सा लेने आए आंध्र प्रदेश के आठ राजनीतिक दलों के नेताओं ने आंध्र प्रदेश में शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।
बैठक की समाप्ति के बाद जारी हुए एक संयुक्त बयान में नेताओं ने कहा है, "गृह मंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में आंध्र प्रदेश के आठ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के हम प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। हमने बैठक के दौरान अपने विचार जाहिर किए हैं और केंद्र सरकार ने उन विचारों पर गौर किया है। इस बीच हमारी यह ईमानदार अपील है कि राज्य में शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था की स्थिति बरकरार रखी जाए।"
चिदंबरम ने राज्य में विरोध प्रदर्शन पर लगाम लगाने की भी वकालत की।
चिदंबरम ने इस बात से इंकार किया कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया को मंजूरी देने में जल्दबाजी की थी।
गृह मंत्री ने अपनी आरंभिक टिप्पणी में कहा, "हमें आंध्र प्रदेश में सामान्य स्थिति बहाल करने के मूल महत्व को स्वीकार करना चाहिए। वहां जारी प्रदर्शनों और बंद को रोका जाना चाहिए। छात्रों को स्कूल और कॉलेज जाना चाहिए। कानून और व्यवस्था बहाल होनी चाहिए। लोगों को आम दिनचर्या के अनुसार काम करने की अनुमति होनी चाहिए।"
गृहमंत्री द्वारा बुलाई इस बैठक में कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी, प्रजा राज्यम, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के आरंभ में चिदंबरम ने नए राज्य के मुद्दे पर उन भ्रमों को दूर करने का प्रयास किया जिनके कारण पूरे राज्य में प्रदर्शन हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, "यह गलतफहमी है कि केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में काम किया, राजनीतिक दलों से सलाह नहीं ली गई और गृह मंत्री के रूप में मैंने व्यक्तिगत स्तर पर काम किया।"
चिदंबरम ने कहा कि इन बातों के समर्थन में कोई भी तथ्य पेश नहीं किया जा सकता। गृह मंत्री ने राजनीतिक दलों से मेल-मिलाप और सदिच्छा दिखाने का आग्रह किया।
चिदंबरम ने कहा, "अंतत: आपको जवाब खोजने चाहिए और एक समाधान ढूंढने में केंद्र सरकार की मदद करनी चाहिए। इस बैठक की कार्यसूची सीमित है, लेकिन मुझे विश्वास है कि यदि हम इस समय एक कदम आगे बढ़ेंगे तो अंत में समाधान ढूंढ निकालेंगे।"
तेलंगाना राज्य के गठन का विरोध कर रहे राज्य के दो क्षेत्रों आंध्र और रायलसीमा के नेता भी बैठक में उपस्थित थे। तेलंगाना क्षेत्र में राजधानी हैदराबाद सहित 10 जिले आते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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