नेपाली महिला के पति ने कहा, मैं हूं असली पीड़ित

काठमांडू, 5 जनवरी (आईएएनएस)। नेपाली छात्रा नीतू सिंह के प्रभावशाली पति ने कहा है कि काठमांडू लौटने के बाद असली पीड़ित वह बन गए हैं। कथित रूप से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए भारतीय पुलिस द्वारा नीतू सिंह को निर्वासित किए जाने के बाद भारत में काफी होहल्ला मचा हुआ है।

नीतू सिंह के पति अमरेश कुमार सिंह के काठमांडू पहुंचने पर सोमवार को मीडिया कर्मियों और परिचितों ने उन्हें घेर लिया। सभी एक सुर से उन पर लगाए गए आरोपों के बारे में उनसे पूछने लगे हैं।

ज्ञात हो कि अमरेश सिंह नेपाल में ऊंची रसूख वाले व्यक्ति हैं। आज से चार वर्ष पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री और नेपाल के कद्दावर राजनीतिज्ञ गिरिजा प्रसाद कोईराला ने सिंह को नेपाली संसद के लिए नामित किया था। यह अलग बात है कि फिलहाल वह सत्ताधारी नेपाली कांग्रेस पार्टी के सदस्य भी नहीं हैं।

मीडिया में आई खबरों ने संकेत दिया है कि नीतू को पिछले महीने पुलिस ने सिंह की पहल पर ही देश निकाला कर दिया था, क्योंकि दोनों दंपति अलग हो चुके हैं, लिहाजा सिंह चाहते थे कि शादी के बाद नीतू को जो भी संपत्ति उनकी ओर से प्रदान किए गए थे, वह उन्हें वापस कर दे। नीतू सिंह पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में अंतिम वर्ष की छात्रा थीं।

सिंह ने कहा है कि उन पर इसलिए कीचड़ उछाले जा रहे हैं, क्योंकि वह एक राजनीतिज्ञ हैं। सिंह नई दिल्ली के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में शोध के छात्र हैं। वह उस समय सुर्खियों में आ गए थे, जब उन्होंने माओवादी संघर्ष के अंतिम दिनों में नेपाल की राजनीतिक पार्टियों और माओवादी गुरिल्लाओं के बीच संपर्क स्थापित कराने में भूमिका निभाई थी।

सिंह ने कहा है कि नीतू के भारत से निर्वासन में उनकी कोई भूमिका नहीं है। सिंह ने कहा है कि नीतू ने जब किसी दूसरे व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध बनाने शुरू किए तो, उन्होंने उससे संबंध तोड़ लिया था।

सिंह के अनुसार नीतू का निर्वासन उसके चिंतित पिता द्वारा पुणे पुलिस को लिखे गए पत्रों का परिणाम है, जिनमें उन्होंने उस व्यक्ति के चंगुल से अपनी बेटी को बचाने की गुहार लगाई थी, जिसके साथ वह प्रेम संबंध स्थापित कर रही थी।

सिंह ने कहा है कि नीतू के पिता राम सुरेश प्रसाद सिंह और उसके भाई रूपेश सिंह उस समय चिंतित हो गए थे, जब नीतू पिछले वर्ष अपने भाई की शादी में हिस्सा लेने नेपाल अपने घर नहीं गई। वह इसलिए क्योंकि उसका विवाहेतर संबंध शुरू हो गया था और उसे पता था कि उसका परिवार उसके इस रिश्ते को मंजूरी नहीं देगा।

सिंह ने कहा है कि उसके पिता और भाई उससे मिलने के लिए पुणे भी गए, लेकिन उसने उनसे मिलने से इंकार कर दिया था। सिंह ने नीतू के पिता द्वारा पुणे के पुलिस आयुक्त को भेजे गए दो पत्र भी दिखाए। एक पत्र हिंदी में था और दूसरा अंग्रेजी में।

सिंह ने कहा, "मेरा अपराध सिर्फ इतना है कि मैं एक राजनीतिज्ञ हूं, लिहाजा लोग मेरे पीछे पड़े हुए हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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