नेपाली सेना को सर्वोच्च न्यायालय ने दिया झटका
जनरल कपूर 14 जनवरी से नेपाल की चार दिवसीय यात्रा पर होंगे। नेपाल के सेना प्रमुख छत्रमान सिंह गुरंग ने उन्हें इस यात्रा के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया है। यात्रा के दौरान कपूर को राष्ट्रपति रामबरन यादव की अध्यक्षता में 21 जनवरी को आयोजित एक समारोह में नेपाली जनरल की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी।
लेकिन नेपाली सेना के लिए इस आयोजन का पूरा मजा किरकिरा हो गया है, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने रविवार को अपने एक आदेश में गठबंधन सरकार के उस विवादास्पद फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड के बाद भी उसे प्रोन्नति दे दी गई है।
संयुक्त राष्ट्र, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य मानवाधिकार संगठनों के विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की सरकार ने पिछले महीने मेजर जनरल तोरन जंग बहादुर सिंह को लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रोन्नति दे दी।
सिंह, मानवाधिकार संगठनों के निशाने पर रहे हैं, क्योंकि सेना की जिस टुकड़ी के वे कमांडर रहे हैं, उस पर माओवादी आंदोलन के अंतिम समय में राजधानी काठमांडू के मध्य अनधिकृत तरीके से एक गुप्त यातना शिविर का संचालन करने, उसमें संदिग्ध माओवादियों तथा उनसे सहानुभूति रखने वालों को अनधिकृत तरीके से कैद करने व उन्हें प्रताड़ित करने तथा 49 लोगों को मौत के घाट उतारने का आरोप है। मृतकों के शवों का पता अभी तक नहीं चल पाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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