भारत से भेजी गई नेपाली छात्रा का पति गायब
भारत में जब से नीतू सिंह को नेपाल भिजवाने के मामले में प्रतिक्रिया हुई है तब से नेपाल के तराई इलाके में रहने वाले अमरेश कुमार सिंह के साथ कोई संपर्क नहीं हुआ है।
नेपाल की तराई के राजनीतिज्ञों के अनुसार सत्ताधारी नेपाली कांग्रेस के पूर्व सांसद अमरेश कुमार सिंह पिछले महीने नई दिल्ली की यात्रा कर लौटे थे।
सिंह नेपाल के सरलाही जिले के निवासी हैं और वह 2006 में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के शुरू होने के दौरान सुर्खियों में आए।
उस दौरान नई दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शोध छात्र के तौर पर अध्ययनरत सिंह के माओवादी नेताओं पुष्प कमल दहाल प्रचंड और बाबूराम भट्टराई के साथ नजदीकी संबंध थे। उस दौरान उन्होंने माओवादियों और राजनीतिक दलों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
इसके बाद नेपाल के राजा ज्ञानेंद्र की सत्ता अप्रैल 2006 में समाप्त होने के बाद जब संसद को फिर से बहाल किया गया तो नेपाली कांग्रेस की ओर से 10 नए सांसदों में एक वह भी थे। इसके बाद अप्रैल 2008 में हुए चुनाव में वह हार गए।
चुनाव में हार के बाद सिंह की नीतू से शादी हुई। नीतू पश्चिम बंगाल के नजदीकी जिले झापा की रहने वाली है। कई लोगों का कहना है कि शादी टूट चुकी है और दोनों अलग-अलग रह रहे हैं।
इस बीच नीतू ने नेपाल से भारत में महिला अधिकार के लिए काम करने वाले एक संगठन को एक पत्र लिखा है जिसमें उसने कहा है कि वह किसी भी तरह की भारत विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं थी और उसके खिलाफ साजिश की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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