झारखण्ड में सालाना 7 लाख टन कोयले की तस्करी
एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि अवैध खनन के काम में करीब 18,000 लोग शामिल हैं। कोयले की ढुलाई साइकिल से भी की जाती है।
सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल)के प्रबंध निदेशक आर.के.साहा ने पत्रकारों को बताया कि इससे राज्य सरकार और कोयले की कंपनियों को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा है।
एक अनुमान के मुताबिक राज्य सरकार और कोयले की कंपनियों को तस्करी के कारण प्रत्येक साल 500 से 600 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
साहा ने बताया कि कोयले की कंपनियां अवैध खनन के मामले को कई बार राज्य सरकार के सामने उठा चुकी हैं। गांव में जहां बड़े पैमाने पर तस्करी होती है वहां सहकारी दुकान खोलने की योजना है। इस तरह गांव वाले कोयला निकाल कर रुपये भी कमा सकेंगे।
राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन कंपनियां हैं इनमें सीसीएल, भारत कोकिंग कोल लि. (बीसीसीएल) और इस्टर्न कोलफील्ड लि. (ईसीएल)।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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