सोरेने का भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का वादा
रांची, 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। झारखण्ड के नए मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने बुधवार को राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का वायदा किया।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में सोरेन ने यह वादा किया। इससे पहले दो मौकों पर राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके सोरेन का मानना है कि उन्होंने अपने पूर्व के अनुभवों से बहुत कुछ सीखा है।
उन्होंने कहा, "पूर्व के अनुभवों मसलन राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और झारखण्ड की अक्षमता इत्यादि से हमने बहुत कुछ सीखा है।"
सोरेन ने कहा कि सरकार में शामिल सभी घटक दल राज्य के विकास के प्रति संकल्पबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता समाज के सभी वर्गो की जनता को रोटी, कपड़ा और मकान मुहैया कराने और साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने की होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से झारखण्ड का गठन हुआ है तभी से यहां राजनीतिक भ्रष्टाचार और अस्थिरता व्याप्त है। हम पिछड़ी जातियों और गरीबों के लिए काम करने को प्रतिबद्ध हैं।
सोरेन पहली बार अगस्त 2005 में राज्य के मुख्यमंत्री बने थे और 10 दिनों के भीतर ही उन्हें इस पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। इसके बाद वह अगस्त 2008 में फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने लेकिन विधानसभा उपचुनाव हार जाने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
अपने पिछले कार्यकाल के दौरान राज्य के कल्याण के लिए किए गए कार्यो के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "जब मैं मुख्यमंत्री था तो मैंने गरीबों को सस्ती कीमतों में चावल और गेहूं उपलब्ध कराया। उनके लिए मेरे पास कई योजनाएं थी लेकिन इससे पहले कि मैं कुछ कर पाता, मुझे इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया गया।"
उन्होंने कहा, "अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान हम अपने सभी वादों को पूरा करेंगे और भरपूर प्रयास करेंगे कि हर किसी के पास रोटी, कपड़ा और मकान हो।"
भू अधिग्रहण संबंधी सभी विवादों का निपटारा करने का भी सोरेन ने वादा किया ताकि राज्य में लंबित सभी समझौता ज्ञापनों को अमली जामा पहनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार औद्योगिक विकास को बढ़ावा जरूर देगी लेकिन गरीब जनता को विस्थापित करने की कीमत पर नहीं।
उन्होंने कहा, "औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना हमारा कर्तव्य है। जो भी झारखण्ड में इस दिशा में कदम आगे बढ़ाना चाहते हैं, हम उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराएंगे।"
सोरेन का मानना है कि सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त कर राज्य में नक्सली समस्या का हल किया जा सकता है। इसके लिए शिक्षा, रोजगार और अन्य विकासात्मक कार्य भी जरूरी है।
उन्होंने कहा, "झारखण्ड में लौह अयस्कों, गैस और उर्वर भूमि सहित अकूत प्राकृतिक सम्पदा है, बावजूद इसके प्रदेश के लोग बदहाल हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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