राठौर को नहीं मिली अंतरिम जमानत (लीड-3)
पंचकूला, 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। हरियाणा की स्थानीय जिला एवं सत्र अदालत ने बुधवार को बहुचर्चित रुचिका मामले के दोषी और हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस. पी. सी. राठौर को अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.पी. सिंह ने कहा कि राठौर की याचिका पर एक जनवरी को सुनवाई होगी। न्यायधीश ने राठौर के वकील से कहा कि वह अगली सुनवाई पर सभी दस्तावेज अदालत को सौंपे।
अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद राठौर पत्नी आभा राठौर के साथ बाहर निकला। उसने मीडिया से कोई बात नहीं की। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी।
इससे पहले मंगलवार शाम राठौर के खिलाफ दो नई प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं। राठौर के खिलाफ हत्या का प्रयास, धमकी देने, सबूतों से छेड़छाड़ करने और आपराधिक साजिश रचने जैसे मामले दर्ज किए गए हैं।
पेशे से वकील और राठौर की पत्नी आभा ने कहा कि विगत 19 वर्षो में रुचिका के भाई ने कभी यह आरोप नहीं लगाया कि राठौर ने उसकी हत्या की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नई प्राथमिकियां सिर्फ मीडिया के दबाव में और राठौर को नीचा दिखाने के लिए दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि राठौर पुलिस के दूसरे महकमों में थे और उनका आशु के खिलाफ मामलों से कोई संबंध नहीं था।
इस मामले तूल पकड़ने के बाद राठौर पहली बार बुधवार को घर से बाहर निकला। उसके हाथ में एक फाइल थी और वह सीधे पंचकूला की अदालत पहुंचा।
राठौर के हावभाव उस दिन के हावभाव से काफी जुदा थे जब 21 दिसम्बर को उसे इस मामले में महज छह महीने की जेल और 1,000 रुपये के जुर्माने सजा सुनाए जाने के बाद जमानत दे दी गई थी। इस बार उसके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी और वह सवालों से बचते हुए पत्नी के साथ निकल गया।
गौरतलब है कि 12 अगस्त, 1990 को राठौर ने 14 वर्षीय रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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