ईरान: निंदा के बीच मृतकों की संख्या 15
ईरान की सरकार के एक प्रमुख आलोचक मेहदी कारूबी ने राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में रविवार को अशूरा के दौरान हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की निंदा की है.
रविवार को ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फ़ायरिंग हुई जिसमें मारे गए लोगों की संख्या 15 हो गई है जिनमें विपक्षी नेता मीर हुसैन मुसावी के भतीजे सैयद अली मुसावी भी शामिल हैं. लगभग 300 लोगों को रविवार को हिरासत में लिया गया था.
मेहदी कारूबी ने सरकार की आलोचना उस समय की है सरकारी टीवी ने ख़बर दी है कि इन प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई में मरने वालों की संख्या पहले पाँच बताई जा रही थी और अब 15 पहुँच गई है.
कारूबी ने कहा कि शिया मुसलमानों के पवित्र दिन अशूरा पर फ़ायरिंग का हुक्म देना अभूतपूर्व बात है.
उधर ईरान की सरकार ने भीड़ पर फ़ायरिंग करने का खंडन किया है और जो लोग मारे गए हैं वे संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए हैं.
ईरान में विपक्ष के सूत्रों ने कहा है कि एक कार्यकर्ता इब्राहीम याज़्दी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है. वे 1979 की क्रांति के बाद विदेश मंत्री रह चुके हैं.
ग़ौरतलब है कि जून में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों के विवादों में घिर जाने के बाद ये प्रदर्शन शुरु हुए थे जो रुक-रुक कर अभी भी जारी हैं और 1979 की क्रांति के बाद बनी इस्लामी सरकार के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं.
उधर अमरीका और फ्रांस ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गोलीबारी की निंदा की है.
जहां अमरीका ने ईरान सरकार को आड़े हाथों लिया है वहीं फ्रांस ने कहा है कि ईरान के लोगों की लोकतंत्र और आज़ादी की मांग को इस तरह से कुचला जाना कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है.












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