सोनिया ने आर्थिक सुधारों का श्रेय राजीव को दिया, राव को भुलाया
सोनिया ने अपने 15 मिनट के भाषण में राव का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने जो आर्थिक नीतियां बनाईं उसे ही अगली सरकार (राव के नेतृत्व वाली सरकार) ने पांच वर्षो तक क्रियान्वित किया।
उन्होंने कहा, "राजीव अपने सपनों को मूर्त रूप लेते देखने के लिए हमारे बीच नहीं हैं लेकिन हम उनके विचारों की छाप 1991 के चुनाव में जारी पार्टी के घोषणापत्र में देख सकते हैं। अगले पांच साल की आर्थिक नीतियां बनाने के लिए उसी को आधार बनाया गया था। इन नीतियों ने हमारी अर्थव्यवस्था और देश को नई दिशा और मजबूती दी।"
मनमोहन सिंह राव के कार्यकाल में वर्ष 1991 से 1996 तक वित्त मंत्री रहे और उस दौरान उन्होंने लीक से हटकर आर्थिक सुधारों की शुरुआत की।
सोनिया गांधी ने कहा कि मध्य नब्बे के दशक में पार्टी कठिन दौर से गुजरी है और इस दौरान सवाल भी उठे कि पार्टी जीवित रह पाएगी या नहीं। "लेकिन हम अपने विश्वासों के आधार पर आगे बढ़े और बिना कोई समझौता किए चुनौतियों का सामना किया। अपने समर्पण और कठिन मेहनत के सहारे हमें 2004 और 2009 के आम चुनावों में अनुकूल जनादेश मिला।"
सोनिया ने अपने भाषण के दौरान कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, लालबहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह की प्रशंसा की लेकिन राव का जिक्र तक नहीं किया।
कांग्रेस नेता राव का जिक्र करने से बचते रहे हैं क्योंकि राव के कार्यकाल के दौरान ही 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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