आनंद प्रकाश का बहादुरी सम्मान लेने से इंकार
प्रकाश और उनके परिवार के सदस्यों ने अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष एम.एस.बिट्टा के हाथों बहादुरी सम्मान ग्रहण करने से इंकार कर दिया। प्रकाश ने कहा, "हमारा कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। हम अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। दोषी एस.पी.एस.राठौर को अपराध के अनुरूप सजा दिलाने चाहते हैं और जब तक ऐसा नहीं होता है, तब तक हम पुरस्कार के लिए योग्य नहीं हैं।"
प्रकाश, उनकी पत्नी मधु और बेटी अराधना को पुरस्कार देने बिट्टा उनके घर पहुंचे थे। बिट्टा के साथ जम्मू एवं कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादी को मारने वाली बहादुर लड़की रुखसाना भी थी।
उल्लेखनीय है कि 12 अगस्त 1990 को हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक राठौर ने 14 वर्षीया रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले की एकमात्र गवाह प्रकाश की बेटी आराधना ही हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने 21 दिसम्बर को इस मामले में राठौर को छह महीने की सजा सुनाई थी लेकिन 10 मिनट के भीतर ही उसे जमानत पर रिहा कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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