रुचिका मामले में सीबीआई की भूमिका संदिग्ध: वकील
चण्डीगढ़, 25 दिसम्बर (आईएएनएस)। पिछले 13 वर्षो से बिना कोई मेहनताना लिए रुचिका गिरहोत्रा दुर्व्यवहार मामले के लिए अदालत में लड़ रहे वकील पंकज भारद्वाज कहते हैं कि हरियाणा के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी एस. पी. एस. राठौर के खिलाफ आरोपों की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने इस मामले में अदालत के फैसले को निराशाजनक बताया।
भारद्वाज ने कहा, "हमें मुख्य आरोपी राठौर के खिलाफ सभी सबूत मिल गए थे लेकिन इसके बाद भी जांच में कई खामियां थीं और उन्होंने दोषी अधिकारी को बचाने का पूरा प्रयास किया। सीबीआई की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है और हम इससे संतुष्ट नहीं हैं।"
भारद्वाज ने आईएएनएस से कहा, "राठौर एक प्रभावशाली आदमी है और वह आसानी से चीजों और स्थितियों को अपने पक्ष में मोड़ सकता है। सीबीआई की अदालत का फैसला भी बहुत निराशाजनक है। इस मामले से साबित हो गया है कि एक आम आदमी के लिए अदालत में एक मामला जारी रखना कितना मुश्किल है।"
गौरतलब है कि 12 अगस्त, 1990 को हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक राठौर ने 14 वर्षीय रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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