फारवर्ड ब्लॉक ने गोरखालैंड का विरोध किया
कोलकाता, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार के प्रमुख सहयोगी ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) ने गोरखालैंड की मांग का विरोध किया लेकिन तेलंगाना मुद्दे को निपटाने के लिए दूसरी राज्य पुनर्गठन समिति (एसआरसी) के गठन की मांग की।
अन्य दलों और संसद में चर्चा के बिना पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की कांग्रेस की घोषणा को अनैतिक बताते हुए फारवर्ड ब्लॉक के राष्ट्रीय महासचिव देबब्रत बिस्वास ने आरोप लगाया कि महंगाई से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को बढ़ाया गया।
आईएएनएस से एक साक्षात्कार में बिस्वास ने कहा, "तेलंगाना राज्य के गठन के मुद्दे पर राजनीतिक दलों से और संसद के भीतर चर्चा नहीं करने का कांग्रेस का काम अनैतिक है। कांग्रेस में महत्वपूर्ण फैसलों को आधी रात को घोषित करने की संस्कृति है।"
बिस्वास ने कहा कि उनकी पार्टी छोटे राज्यों के विरोध में नहीं है। परंतु भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यह एक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। दूसरी राज्य पुनर्गठन समिति का गठन होना चाहिए और उसकी रिपोर्ट के आधार पर फैसला होना चाहिए कि तेलंगाना राज्य की जरूरत है या नहीं। नए राज्यों का फैसला कांग्रेस की सनक पर नहीं आधारित होना चाहिए।
बहरहाल उन्होंने गोरखालैंड राज्य की मांग पर एसआरसी की आवश्यकता से इंकार किया।
बिस्वास ने कहा कि पहाड़ों के विकास के लिए स्वायत्त पहाड़ी परिषद का गठन किया गया लेकिन वह दार्जिलिंग के विकास के लिए काम नहीं करती। पृथक गोरखालैंड राज्य के गठन की कोई आवश्यकता नहीं है। कोई भी बंगाल का विभाजन नहीं कर सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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