माओवादियों और सरकार के बीच वार्ता विफल, रविवार से नेपाल बंद
काठमांडू, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)। नेपाल की माओवादी पार्टी की ओर से शनिवार को कहा गया है कि वे अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार रविवार से तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल शुरू करेंगे, क्योंकि माओवादी नेताओं और सत्ताधारी पार्टियों के बीच बातचीत विफल हो गई है।
गठबंधन सरकार में शामिल दो प्रभावी पार्टियों - प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-युनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट (यूएमएल) और नेपाली कांग्रेस (एनसी) - ने माओवादियों के प्रमुख पुष्प कमल दहाल प्रचंड से कहा कि उन्हें अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लेना चाहिए, क्योंकि यह जनता के लिए मुश्किल पैदा करेगा और इससे शांति प्रक्रिया को लेकर एक गलत संदेश जाएगा।
प्रचंड ने हालांकि हड़ताल वापस लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया तब तक आगे नहीं बढ़ेगी, जब तक सरकार इस वर्ष के प्रारंभ में राष्ट्रपति राम बरन यादव द्वारा उठाए गए कदम को सुधारने के लिए राजी नहीं हो जाती।
माओवादियों द्वारा नया आंदोलन उस समय खड़ा किया गया, जब वे सेना प्रमुख जनरल रुकमांगद कटवाल को पद से हटाने की अपनी कोशिश में विफल हो गए, क्योंकि राष्ट्रपति ने कटवाल को पद पर फिर से बहाल कर दिया।
आंदोलन के समन्वयक और माओवादी पार्टी के उप प्रमुख बाबूराम भट्टराई ने कहा है, "जब देश का संवैधानिक प्रमुख एक ऐसे सेना प्रमुख को पद पर फिर से बहाल करता है, जिसने एक निर्वाचित सरकार के आदेशों को मानने से इंकार कर दिया हो, तो ऐसी स्थिति में जनता के समक्ष सेना का यह एक बुरा उदाहरण सामने आता है और नए संविधान पर निश्चित रूप से इसका विपरीत प्रभाव पड़ने वाला है।"
दूसरी ओर सरकार ने कहा है कि माओवादी यदि हड़ताल करते हैं तो यह उस शांति समझौते का सरासर उल्लंघन होगा, जिस पर तीन वर्ष पहले उन्होंने इस संकल्प के साथ हस्ताक्षर किया था कि वे भविष्य में हड़ताल नहीं करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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