बुंदेलखण्ड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन ने व्यापक रूप लिया

तेलंगाना राज्य के गठन की संभावना और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बुंदेलखण्ड, पूर्वाचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (हरित प्रदेश) के गठन के बाबत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र के बाद बुंदेलखण्ड के लोग अलग राज्य घोषित कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।

फिल्म अभिनेता और बुंदेलखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष राजा बुंदेला ने करीब पांच सौ समर्थकों के साथ चित्रकूट से खजुराहो तक तीन सौ किमी की पदयात्रा 16 दिसम्बर से शुरू कर दी है। यह पदयात्रा शुक्रवार को बांदा जिले के अतरा कस्बे में प्रवेश कर गई।

राजा बुन्देला ने कहा, "यह पदयात्रा बुंदेलखण्ड के लोगों को जगाने के लिये शुरू की गई है। मायावती का बुंदेलखण्ड अधूरा है। हमें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बंटे 23 जनपदों से कम का बुंदेलखण्ड स्वीकार्य नहीं होगा।"

उधर, झांसी में बुंदेलखण्ड आजाद सेना (बीएएस) के अध्यक्ष महावीर शरण भार्गव के नेतृत्व में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को खून से लिखा खत भेजा है जिसमें बुंदेलखण्ड राज्य के लिये किसी भी हद तक जाने की चेतावनी दी गई है। बुंदेलखण्ड एकीकृत पार्टी (बीईपी) के केन्द्रीय संयोजक संजय पाण्डेय के नेतृत्व मे बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर व महोबा जनपद मे खून से हस्ताक्षर का अभियान चलाया जा रहा है।

पाण्डेय के अनुसार, 'राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील को भेजे जाने वाले इस ज्ञापन पर अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों ने अपने खून से हस्ताक्षर किए हैं।

गौरतलब है कि महोबा और हमीरपुर जनपद में गुरुवार को व्यापारी व अधिवक्ता सड़कों पर उतर आए थे। जहां व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बन्द कर अलग राज्य की मांग का समर्थन किया था, वहीं अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यो से विरत होकर शांति मार्च के जरिए अपना समर्थन व्यक्त किया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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