एक अन्य दंपति भी बना था ह्वाइट हाउस का बिन बुलाया मेहमान
वैसे, अमेरिकी अधिकारी उस घटना को ह्वाइट हाउस की ओर से 'सद्भावना प्रदर्शन' करार दे रहे हैं और उनका मानना है कि इसकी तुलना तारेक सलाही और उनकी पत्नी मिशेल सलाही की ह्वाइट हाउस में घुसपैठ की घटना से नहीं की जानी चाहिए।
ह्वाइट हाउस प्रशासन का कहना है कि सलाही दंपति ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर भोज में शिरकत की थी, जबकि जार्जिया के हर्वे और पौला डार्डेन नामक दंपति को गहन सुरक्षा जांच एवं उनके आपराधिक रिकार्ड की छानबीन के बाद वेटेरन्स डे पार्टी में शिरकत करने की छूट दी गई थी। यह पार्टी पूर्व सैनिकों के सम्मान में हर साल दी जाती है।
सीएनएन से बात करते हुए 67 वर्षीय हर्वे ने कहा, "उस दिन मैं अपनी पत्नी के साथ ह्वाइट हाउस के सुरक्षा बूथ के बाहर खड़ा था। मैंने अंदर जाने की इच्छा जाहिर कर दी थी। थोड़ी देर बाद एक अधिकारी ने मुझसे कहा कि श्रीमान और श्रीमती डार्डेन आपको अंदर आने की इजाजत दी जाती है।"
इसके बाद इस दंपति को ह्वाइट हाउस के ईस्ट रूम में ले जाया गया। वहां काफी लोग नाश्ता कर रहे थे। यह मुख्य कार्यक्रम नहीं था। नाश्ते के बाद इस दंपति के चहरे पर उस वक्त खुशी झलक उठी जब ओबामा दंपति वहां पहुंचा।
डार्डेन दंपति ने ओबामा और उनकी पत्नी से हाथ मिलाया। ह्वाइट हाउस की गुप्तचर सेवा के प्रवक्ता एड डोनोवैन कहते हैं कि मामला इतना भर है कि इस दंपति को औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया गया था, पर उनकी जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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