पारंपरिक भारतीय चिकित्सा के तरीकों का कंप्यूटरीकरण
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा में कहा, "भारतीय उपचार और चिकित्सा प्रणालियों की विस्तृत जानकारी और जड़ी बूटियों और अन्य वस्तुओं के इस्तेमाल के तरीके का पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी में शामिल किया गया है।"
उन्होंने कहा, "हमने इनको पांच भाषाओं में अनुवाद कर सार्वजनिक डोमेन पर डाल दिया है। हम इस ज्ञान को विद्वानों के साथ साझा करने को तैयार हैं। लेकिन दवा कंपनियां इसके पेटेंट पर दावा नहीं कर सकेंगी।"
चव्हाण ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा अमेरिकी पेटेंट एवं ट्रेडमार्क कार्यालय के बीच हल्दी के पेटेंट को लेकर लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई की याद दिलाते हुए कहा, "हमने हल्दी प्रकरण से सबक सीखा है।"
इंडो-एशियन-न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications