तेलंगाना पर गतिरोध जारी, रोसैया राज्यपाल से मिले (राउंडअप)
इस बीच आंध्र प्रदेश के प्रस्तावित विभाजन को लेकर राज्य में जारी राजनीतिक गतिरोध के मसले पर मुख्यमंत्री के.रोसैया ने बुधवार को राज्यपाल एन.डी. तिवारी से मुलाकात की। राजभवन सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को केंद्र सरकार द्वारा 10 दिसंबर को पृथक तेलंगाना राज्य की प्रक्रिया शुरू करने संबंधी घोषणा किए जाने के बाद उत्पन्न राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच करीब आधे घंटे तक यह बैठक चली। इससे पहले मंगलवार को सत्ताधारी कांग्रेस और प्रजा राज्यम पार्टी के विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की थी और इस मसले पर उनसे हस्तक्षेप करने की गुजारिश की थी।
पृथक तेलंगाना के विरोध में विजयवाड़ा से कांग्रेस सांसद एल. राजगोपाल और कडपा में कांग्रेस विधायक वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी का आमरण अनशन लगातार दूसरे दिन जारी रहा। उधर विजयवाड़ा और अनंतपुर में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के विधायकों की भूख हड़ताल चौथे दिन में प्रवेश कर गई।
आंध्र प्रदेश में 10 जिलों को मिलाकर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के केंद्र सरकार के फैसले के बाद से तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र में रैली और प्रदर्शनों के साथ ही सड़क और रेल सेवा को जाम करने का दौर जारी है।
कई इलाकों से हिंसा की खबरें भी आई हैं लेकिन पुलिस महानिरीक्षक ए.आर. अनुराधा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हालात कुल मिलाकर शांतिपूर्ण है।
अनंतपुर में श्री कृष्णदेवराय विश्वविद्यालय में प्रदर्शनों का दौर जारी रहा। यहां मंगलवार को पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई थी।
पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे विजयवाड़ा के पूर्व महापौर और टीडीपी के एक विधायक को हालत बिगड़ने पर जबरन अस्पताल में भर्ती कराया। उधर आंध्र विश्वविद्यालय में भूख हड़ताल कर रहे कुछ छात्रों को भी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
इस बीच तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर उन्हें पृथक राज्य के फैसले के लिए धन्यवाद दिया।
उधर, एक अन्य घटनाक्रम में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के समर्थकों ने क्षेत्र में चिरंजीवी के पुत्र रामचरण तेजा की फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। चिरंजीवी द्वारा पृथक तेलंगाना के विरोध करने का रुख जाहिर करने के बाद टीआरएस ने यह फैसला किया है।
उल्लेखनीय है कि पृथक तेलंगाना राज्य के प्रस्ताव के विरोध में आंध्र प्रदेश में कांग्रस के 80 विधायकों सहित 139 विधायक अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष किरणकुमार रेड्डी को सौंप चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने हालांकि इनमें से किसी का इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं किया है।
पीआरपी दो खेमों में बंटी :
पृथक तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश में प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) दो खेमों में बंटती नजर आ रही है। प्रजा राज्यम के नेता और अभिनेता के. चिरंजीवी ने एक तरफ जहां तेलंगाना के पृथक राज्य के प्रस्ताव का विरोध करने का फैसला किया है, वहीं उनकी पार्टी में तेलंगाना क्षेत्र के नेताओं ने बगावत कर दी है।
चिरंजीवी रायलसीमा क्षेत्र की तिरुपति विधानसभा सीट से निर्वाचित हैं। उन्होंने मंगलवार रात पार्टी विधायकों की एक बैठक की। सूत्रों का कहना है कि चिरंजीवी ने तेलंगाना का विरोध करने का फैसला किया है। इसकी औपचारिक घोषणा अभी की जाना है।
तेलंगाना क्षेत्र में प्रजा राज्यम् के तीन जिला अध्यक्षों ने बुधवार को त्यागपत्र देने की घोषणा कर दी। इस क्षेत्र से चुने गए पार्टी के दो विधायकों में से एक ए. माहेश्वर रेड्डी ने भी पार्टी छोड़ने की धमकी दी है।
गौरतलब कि पृथक तेलंगाना के विरोध में प्रजा राज्यम के 18 में से 14 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। परंतु चिरंजीवी ने यह कहते हुए इस्तीफा नहीं दिया कि वे राज्य के तीनों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
तेलंगाना मसले पर पीछे नहीं हटेंगी सोनिया :
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेंगी। यह बात नए राज्य के पक्षधर सांसदों ने दिल्ली में बुधवार को कही।
तेलंगाना क्षेत्र के मल्काजगिरी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद एस. सत्यनारायण ने कहा, "उनके शब्दकोष में किसी अगर-मगर के लिए जगह नहीं है। वह अपने वायदे से पीछे नहीं हटेंगी। वह पहले ही वायदा कर चुकी हैं। उन्होंने हमारे साथ इंसाफ किया है।"
इस बीच तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र के कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की, जबकि तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस सांसदों ने कानून मंत्री एम. वीरप्पा मोइली और मुखर्जी से मुलाकात की।
मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डी. पुरंदेश्वरी ने प्रधानमंत्री और मुखर्जी से मुलाकात से पहले आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मैं एकीकृत आंध्र प्रदेश के पक्ष में हूं।"
तटीय आंध्र और रायलसीमा के क्षेत्र के सांसदों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री और मुखर्जी से केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के पिछले हफ्ते के इस विवादास्पद बयान पर स्पष्टीकरण देने को कहा कि पृथक तेलंगाना राज्य का गठन किया जाएगा।
आंध्र के एक सांसद ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमने उनसे अनुरोध किया है कि क्षेत्र की जनता को शांत करने के लिए हमें दिशा निर्देश दें। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से कुछ आश्वासन दिया जाना चाहिए।"
उसी समय तेलंगाना क्षेत्र के सांसदों ने मुखर्जी से कहा, "आपने हमें बहुत अच्छा तोहफा दिया है। अब इसे वापस न लीजिए।"
इस बीच दोनों पक्षों ने कहा कि राज्य में पार्टी इस मसले पर विभाजित है लेकिन अन्य सभी मसलों पर एकजुट है।
तेलंगाना क्षेत्र के सांसद एम. जगन्नाथ ने कहा, "हमने जगनमोहन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग नहीं की है।" जगनमोहन ने मंगलवार को तेलंगाना के गठन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे तेलुगू देशम पार्टी के सदस्यों का पक्ष लेकर मंगलवार को लोकसभा में कांग्रेस के लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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