कोपेनहेगन में गतिरोध खत्म करने की कोशिश में जुटे वार्ताकार (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक ब्रिटेन, जर्मनी और चार अन्य यूरोपीय देशों सहित 25 देशों वाला प्रतिबंधित समूह (रेस्ट्रिक्टेड ग्रुप) गतिरोध को दूर करने के तरीकों पर चर्चा करने वाला था।
जर्मनी के पर्यावरण मंत्री नोबर्ट रोइटजेन ने कहा कि डेनमार्क की अध्यक्षता वाले सम्मेलन और जी-77 के बीच अब भी मुख्य विवाद बना हुआ है। जी-77 में भारत और चीन जैसे बड़े देशों के अलावा छोटे अफ्रीकी देश भी शामिल हैं।
दिन में दुनिया के 30 से अधिक नेता सम्मेलन को संबोधित करने वाले थे। डेनमार्क के प्रधानमंत्री अंद्रेस लोके रासमुसेन को पर्यावरण मंत्रियों के बीच वार्ता कराने का जिम्मा सौंपा गया है जबकि सम्मेलन की अध्यक्ष कोन्नी हेडेगार्ड को अनौपचारिक बातचीत करना है।
कोपेनहेगन में मौजूद राजनयिकों ने उस रिपोर्ट को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि नए समझौते के प्रारूप को करीब 200 प्रतिनिधियों के बीच बांटा गया है।
जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र में पानी के स्तर में वृद्धि के कारण अपने द्वीप के डूबने का खतरा क्षेल रहे तुवालु द्वीप के एक प्रतिनिधि ने कहा, "वार्ता की स्थिति से हम बहुत निराश हुए हैं।"
उन्होंने कहा, "हम टाइटैनिक पर सवार हैं और हमें डूबने का भय सता रहा है।"
सूत्रों के मुताबिक गतिरोध को खत्म करने के लिए यूरोपीय संघ ग्रीन हाऊस गैसों में उत्सर्जन में कटौती की सीमा 20 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने की घोषणा कर सकता है।
यद्यपि वार्ता शुरू होने से पहले यूरोपीय संघ ने कहा था कि यदि ग्रीनहाऊस गैसों का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाले देश कटौती की घोषणा करते हैं तो वह उत्सर्जन में 30 फीसदी तक की कटौती की घोषणा कर सकता है।
इस बीच डेनमार्क पुलिस ने सम्मेलन परिसर की ओर कूच कर रहे 170 प्रदर्शनकारियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सम्मेलन स्थल की ओर कूच कर रहे थे।
'क्लाइमेट जस्टिस एक्शन' नामक संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा है कि उनकी कोशिश अति सुरक्षित बेला सेंटर में घुसने की थी।
करीब 50 प्रदर्शनकारियों को एक शॉपिंग सेंटर के करीब से गिरफ्तार किया गया जबकि अन्य को एक रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया।
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पहले ही बेला सेंटर परिसर के चारों ओर कंक्रीट के अवरोधक खड़े कर दिए थे।
मंगलवार को पुलिस ने कई साइकिलों और व्यवधान उत्पन्न करने वाली चीजों को जब्त किया था।
डेनमार्क की पुलिस सप्ताहांत में होने वाले उस विरोध प्रदर्शन को लेकर चिंतित है, जिसमें 1,200 से अधिक प्रदर्शनकारी हिस्सा लेने वाले हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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