एसएपी में केंद्र सरकार नहीं करेगी हस्तक्षेप : पवार
आवश्यक वस्तु (संशोधन व सत्यापन) विधेयक-2009 को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पवार ने कहा कि यदि गóो का एसएपी, फेयर एंड रिम्युनेरिटव प्राइस (एफआरपी) से ज्यादा होता है तो गन्ना मिल मालिकों को इसके अंतर का भुगतान करना होगा।
यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है। राज्यसभा में भी इसे ध्वनि मत से मंजूरी दे दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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