मध्य प्रदेश के कपास कारोबारी हड़ताल पर
मध्य प्रदेश काटन व्यापारी एसोसिएशन ने कपास के कारोबार पर लगाए गए प्रवेश कर और मंडी कर को व्यापारियों और प्रदेश के लिए नुकसान बताया है। प्रदेश में एक प्रतिशत प्रवेश कर और दो प्रतिशत से अधिक मंडी कर लागू है।
सेंधवा काटन एसोसिएशन के सचिव गोपाल गोयल ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए कहा है कि प्रवेश शुल्क और मंडी शुल्क के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और राजस्थान में यह दोनों कर न के बराबर हैं। इस स्थिति में मध्य प्रदेश के कारोबारी उनका मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं।
गोयल के मुताबिक इतना ही नहीं पड़ोसी प्रांतो के व्यापारियों ने मध्य प्रदेश आना बंद कर दिया है। साथ ही मध्य प्रदेश के व्यापारी पड़ोसी राज्यों को पलायन कर रहे हैं।
कपास व्यापारियों का आरोप है कि प्रदेश सरकार उन्हें कई बार कर कम करने का आश्वासन दे चुकी है परंतु उस पर अब तक अमल नहीं हुआ है। कपास व्यापारियों ने खरगोन की राजेश्री जिनिंग फैक्ट्री में हुई लूट का खुलासा न होने पर भी रोष जताया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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