संसद की मंजूरी के बगैर जलवायु परिवर्तन पर रुख में कोई बदलाव नहीं होगा
मीणा राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या जलवायु परिवर्तन पर देश के रुख में बदलाव की स्थिति में संसद को विश्वास में लिया जाएगा, इस पर उन्होंने कहा, "जी हां।" इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं होगा।
मीणा ने कहा, "कोपेनहेगन में जलवायु परिवर्तन पर हो रहे शिखर सम्मेलन में भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। हम कार्बन उत्सर्जन कटौती के मामले में कोई कानूनी बाध्यता स्वीकार नहीं करेंगे और न ही हम उत्सर्जन घटाने के अपने प्रयासों की कोई अंतर्राष्ट्रीय समीक्षा ही स्वीकार करेंगे।"
मीणा ने कहा, "बातचीत जारी है, हमें परिणाम का इंतजार करना चाहिए। मैं आप सबको भरोसा दिला सकता हूं कि देश के हितों की रक्षा की जाएगी।" ज्ञात हो कि मीणा पिछली सरकार में पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री थे, लिहाजा वह मौजूदा पर्यावरण व वन राज्यमंत्री जयराम रमेश की अनुपस्थिति में उनकी ओर से बोल रहे थे। रमेश फिलहाल कोपेनहेगन सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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