कांग्रेस सांसद हैदराबाद हवाई अड्डे पर गिरफ्तार, बाद में रिहा (लीड-2)
शहर के बाहरी इलाके शम्साबाद में स्थित राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजगोपाल के समर्थकों ने उनकी गिरफ्तारी का विरोध करने की कोशिश की, जिसके कारण वहां तनाव पैदा हो गया। इस बीच राजगोपाल के कुछ समर्थकों को भी हिरासत में ले लिया गया। राजगोपाल को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया।
राजगोपाल हाथ में तिरंगा झंडा लिए हुए थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहाड़ी शरीफ पुलिस थाने ले जाया गया। वहां उनके समर्थक गिरफ्तारी के विरोध में धरने पर बैठ गए।
ज्ञात हो कि राजगोपाल एक बड़े उद्योगपति हैं और उनके लेंको समूह का हैदराबाद से काफी व्यापारिक हित जुड़ा हुआ है। इस कारण वह राजधानी हैदराबाद को पृथक तेलंगाना राज्य को देने के फैसले के विरोध में हैं।
राजगोपाल ने पूर्व में घोषणा की थी कि वह राज्य विधानसभा के सामने अनशन पर बैठेंगे, जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), छात्र संगठनों और तेलंगाना इलाके के कांग्रेस नेताओं ने राजगोपाल के अनशन को रोकने की चेतावनी दे रखी थी।
राजगोपाल ने पुलिस थाने में संवाददाताओं से कहा, "मुझे नहीं पता कि पुलिस ने मुझे क्यों रोका। मैं तो मुख्यमंत्री और विधायकों से मिलने जा रहा था।"
पुलिस ने कहा कि अनशन की कोई अनुमति नहीं दी गई है। राजगोपाल और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों सहित भारी मात्रा में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था।
टीआरएस ने राजगोपाल पर शहर में उपद्रव फैलाने के लिए विजयवाड़ा से भाड़े पर असामाजिक तत्वों को हैदराबाद लाने का आरोप लगाया था। इसके बाद शहर में तनाव बढ़ गया। पुलिस ने रविवार रात को ही शहर के कई होटलों पर छापा मारकर सांसद के कई समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस विजयवाड़ा से आने वाले सभी वाहनों की तलाशी ले रही है। रविवार रात राजगोपाल के करीब एक दर्जन समर्थकों को रोका गया और उन्हें वापस भेज दिया गया।
राजगोपाल ने बाद में मुख्यमंत्री के.रोसैया से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें अनशन पर बैठ कर मुद्दे को पेचीदा नहीं बनाना चाहिए।
रोसैया से मुलाकात के बाद राजगोपाल ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश को विभाजित नहीं होने देंगे, क्योंकि इससे राज्य कमजोर हो जाएगा और केंद्र में मोल-तोल की इसकी क्षमता प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि वह भावी रणनीति तय करने के लिए आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों के विधायकों की एक बैठक में हिस्सा लेंगे।
एकीकृत आंध्र प्रदेश समर्थक आंदोलन के मद्देनजर विजयवाड़ा और अन्य स्थानों पर पुलिस को सतर्क कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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