मुख्यमंत्रियों के सहारे चुनावी नैया पार करने की कोशिश में पार्टियां
रांची, 13 दिसम्बर (आईएएनएस)। चुनाव के बाजार में विकास बिकता है। अगर झारखण्ड विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के चुनाव अभियानों पर गौर करें तो नारों की गूंज के बीच से यह स्वर साफ उभरता दिखाई देता है।
सभी पार्टियां चुनाव अभियान में मतदाताओं को रिझाने के लिए अपने उन मुख्यमंत्रियों को विकास पुरुष की तरह पेश कर रही हैं जिनके समय में राज्य में विकास हुआ है और वे अपनी विकास नीतियों के कारण दूसरी बार सत्ता में आए हैं।
अपनी इस रणनीति के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, गुजरात के नरेंद्र मोदी और सहयोगी दल जनता दल युनाइटेड शासित बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार झारखण्ड में चुनावी रैलियां की। रमन सिंह ने राज्य में चार दिन रैलियां कीं तो नरेंद्र मोदी ने दो दिन और नीतीश कुमार ने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के साथ यहां सात दिन तक डेरा जमाए रखा और अनक रैलियों को संबोधित किया।
दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह को चुनाव प्रचार में उतारा है। उमर ने राज्य के पलामू जिले में तीन दिन चुनावी रैलियां कीं। पार्टी के लिए महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण और भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी रविवार को रैलियां करने वाले थे।
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष रघुबीर दास ने आईएएनएस को बताया कि इन मुख्यमंत्रियों के चुनाव अभियान में आने से मतदाताओं का विश्वास जीतने में सहायता मिलेगी। रमन सिंह, नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की साफ सुथरी छबि और राज्यों में इनका विकास कार्य के प्रति समर्पण मतदाताओं को हमारे करीब लाएगा। इन्होंने जो वायदे किए थे उसे पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस की तरह नहीं है जो खोखले वादे करती है। रमन सिंह पुन: सत्ता में इसीलिए आए क्योंकि उन्होंने एक रुपये किलो चावल और गेहूं देने के अपने वायदे को पूरा किया। झारखण्ड में भी हमने यही वायदा किया है।
कांग्रेस की राज्य इकाई के महासचिव शैलेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हीं मुख्यमंत्रियों को चुनाव प्रचार में उतारा है जो कि दूसरी बार लोगों का विश्वास जीत कर सत्ता में आए हैं। चव्हाण और हुड्डा दूसरी बात सत्ता में आए हैं और वे विकास पुरुष हैं।
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती भी अपने प्रत्याशियों के लिए यहां रैलियां कर चुकी हैं। पार्टी यहां 81 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
राज्य के सभी पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा और शिबू सोरेन चुनाव अभियान में सक्रिय हैं। सभी फिर से मु़ख्यमंत्री बनने के दावेदार भी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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