भारत सरकार ने दबाव में घुटने टेके : तेलुगू प्रवासी
गुरमुख सिंह
टोरंटो, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। कनाडा के तेलुगू प्रवासियों ने भारत सरकार पर तेलंगाना राज्य की मांग पर दबाव के आगे घुटने टेकने का आरोप लगाया है। कनाडा में 30,000 से अधिक तेलुगू हैं, जो आंध्र प्रदेश के तीनों हिस्सों-रायलसीमा, तेलंगाना और आंध्र से हैं।
राज्य को विभाजित करने के सरकार के प्रस्ताव पर क्रुद्ध प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए प्रवासियों ने कहा कि भारत सरकार के इस कदम से ऐसी स्थितियां पैदा होंगी, जिनसे देश की एकता को खतरा पैदा जाएगा।
प्रवासियों ने आईएएनएस से कहा, "केंद्र और राज्य की कांग्रेस सरकार ने आंध्र के हजारों लोगों की इच्छाओं की अनदेखी की और एक व्यक्ति(के.चंद्रशेखर राव) के ब्लैकमेल के आगे घुटने टेक दिए।"
तटीय आंध्र इलाके से आने वाले विक्रम कोंदथासुला ने पूछा, "तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) क्या मुझे विभाजन की मांग का कारण बता सकती है। क्या वे नए राज्य का एक भी फायदा बता सकते हैं।"
टीआरएस प्रमुख राव पर बरसते हुए उन्होंने कहा, "कोई एक व्यक्ति कैसे पूरे देश को बंधक बना सकता है?"
टोरंटो स्टॉक एक्सचेंज व्यापार विश्लेषक धीरज अर्कोट ने कहा कि दरअसल केवल एक व्यक्ति (केसीआर)की वजह से यह सब हुआ। मामले को हल करने के लिए जनमत संग्रह क्यों नहीं कराया जाता?
उन्होंने कहा, "तेलंगाना के 20 प्रतिशत लोग भी राज्य के विभाजन का समर्थन नहीं करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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