तेलंगाना मुद्दा : मंत्रियों का इस्तीफे का फैसला, संकट गहराया (लीड-2)
इस बीच जनता के 'दबाव' में राज्य मंत्रिमंडल में शामिल इन दोनों क्षेत्रों के मंत्रियों ने इस्तीफा देने का फैसला किया है वहीं टीआरएस के नेता के. चंद्रशेखर राव ने कहा है कि प्रस्तावित तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद होगा और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उधर, तेलंगाना की मांग स्वीकार किए जाने से देश भर में अलग राज्यों की मांग के आंदोलनों को मिली हवा को दबाते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा है कि तेलंगाना की मांग को मानने का मतलब यह नहीं कि हर जगह नए राज्यों का गठन कर दिया जाए।
तेलंगाना की मांग स्वीकार किए जाने का विरोध कर रहे आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र से आने वाले मंत्रियों ने इस्तीफा देने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिमंडल में इन दोनों क्षेत्रों से संबद्ध 20 मंत्रियों ने अपने फैसले से मुख्यमंत्री के. रोसैया को अवगत करा दिया है।
मंत्रियों का कहना है कि एकीकृत आंध्र प्रदेश के समर्थन में जारी आंदोलन में शामिल होने के लिए उनपर जनता का दबाव है।
यद्यपि, मुख्यमंत्री रोसैया ने तेलंगाना विरोधी आंदोलन को शांत करने के लिए कहा है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अलग तेलंगाना के लिए प्रस्ताव पारित कराना संभव नहीं है।
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर शहर में प्रदर्शनकारियों ने एक सरकारी कार्यालय की इमारत को आग लगा दी। शनिवार को आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों के 13 जिलों में राज्य परिवहन निगम की बसें सड़कों से नदारद रहीं। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने जाम भी लगाया, वहीं अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के भवन को आग लगा दी। विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटुर और नेल्लोर में शैक्षणिक और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में बसों और रेलगाड़ियों को अपना निशाना बनाया। रायलसीमा के चार और आंध्र के नौ जिले प्रदर्शनों से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
इधर, हैदराबाद में सैकड़ों की संख्या में टीआरएस के कार्यकर्ताओं ने 'विजय रैली' में हिस्सा लिया। रैली की शुरुआत टीआरएस अध्यक्ष के.चंद्रशेखर राव के आवास से हुई।
रैली में हिस्सा ले रहे लोगों के हाथों में राव और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीरें देखी गई। ये सभी 'जय तेलंगाना' का नारा लगा रहे थे।
तेलंगाना भवन में रैली को संबोधित करते हुए पार्टी नेता और पूर्व मंत्री एन.नरसिम्हा रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना क्षेत्र की जनता सोनिया गांधी का शुक्रिया अदा करती है क्योंकि उन्होंने काफी अर्से से लंबित मांग को स्वीकार किया।
टीआरएस के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव ने शनिवार को समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि हैदराबाद को चंडीगढ़ की तर्ज पर दो राज्यों की संयुक्त राजधानी नहीं बनाया जा सकता है।
राव ने कहा, "हैदराबाद की तुलना चंडीगढ़ से नहीं की जा सकती। यह कोई नया विभाजन नहीं है। तेलंगाना राज्य पहले से मौजूद था और उसकी राजधानी हैदाराबाद ही थी, जबकि आंध्र प्रदेश की राजधानी कुरनूल था।"
राव ने कहा कि भौगोलिक रूप से हैदराबाद तेलंगाना में है। उन्होंने सवाल किया, "आंध्र के लोग भला हैदराबाद पर दावा कैसे कर सकते हैं। इसका कोई मतलब होता है क्या?"
उधर, पश्चिम बंगाल में केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि केंद्र द्वारा तेलंगाना की मांग मान लिए जाने का मतलब यह नहीं है कि हर जगह नए राज्यों का गठन कर दिया जाए।
24 उत्तरी परागना जिले में पत्रकारों से बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि तेलंगाना की मांग काफी पुरानी थी और इसका मतलब यह नहीं हर जगह नए राज्यों का गठन किया जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने संकेत दिया था कि एक राज्य के गठन के लिए कई चरणों से गुजरना पड़ता है और तेलंगाना का मामला अभी शुरुआती चरण में है।
मुखर्जी का यह बयान उस समय आया है जब पूरे देश में अलग राज्य की मांग के लिए आंदोलनों को ताजा हवा मिला हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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