फर्जी हो सकती है बाइबिल की प्राचीन पुस्तक
इस पुस्तक को फर्जी पाया गया है। मान्यता रही है कि यह मार्क की बाइबिल प्रति है। प्राचीन पुस्तकों की प्रामाणिकता का परीक्षण कर रहे अध्येताओं के लिए यह पुस्तक एक दस्तावेज के रूप में यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय में पड़ी रहेगी।
अध्येताओं ने इस बाइबिल पर पिछले लगभग 70 वर्षो से बहस शुरू कर रखी है। कुल 44 पृष्ठों वाली इस पुस्तक को कोडेक्स के रूप में जाना जाता है। इसमें मार्क के ईशोपदेश के पूरे 16 अध्याय शामिल हैं, जो हाथ से लिखे गए हैं।
शिकागो यूनिवर्सिटी में न्यू टेस्टामेंट एंड अर्ली क्रिश्चियन लिटरेचर की प्रोफेसर मार्गरेट मिशेल ने कहा है कि व्यापक विश्लेषण से जाहिर होता है कि यह कोई प्रामाणिक बाइजेंटाइन पांडुलिपि नहीं है, बल्कि यह फर्जी है। इसे 1874 और 20 सदी के बीच कहीं तैयार किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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