अमेरिका में आईआईटी के पूर्व छात्र को सजा (लीड-2)
वाशिंगटन, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका की एक अदालत ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के एक पूर्व छात्र विक्रम बुद्धि को पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश को धमकी भरा ई-मेल भेजने के लिए 57 महीनों की कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा भारतीय मूल के तीन अन्य अमेरिकी को भी सजा सुनाई गई है।
जिला न्यायाधीश जेम्स टी.मूडी ने शुक्रवार को आईआईटी के पूर्व छात्र बुद्धि (38 वर्ष) को सजा सुनाई। उसे वर्ष 2006 में गिरफ्तार किया गया था। उसे तत्कालीन राष्ट्रपति बुश, उपराष्ट्रपति डिक चेनी और उनकी पत्नियों तथा रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफील्ड को धमकी देने का दोषी ठहराया गया।
बुद्धि को इमारतों को बम विस्फोट या आग लगाकर उड़ाने की धमकी देने का भी दोषी ठहराया गया। बुद्धि को एक जूरी ने जून 2007 में कुल 11 अभियोगों में दोषी ठहराया था। पर्डयू विश्वविद्यालय के इस पूर्व पीएचडी छात्र को तीन अतिरिक्त वर्ष एक अधिकारी के निरीक्षण के तहत भी बिताने होंगे।
उधर, वर्ष 2008 में मैरीलैंड में एक बैंक में लूटपाट करने और एक कर्मचारी को गोली मारने के आरोप में 43 वर्षीय अनिरुद्ध लखन सुखु को यहां की एक अदालत ने 255 महीने कैद की सजा सुनाई है।
एक अन्य मामले में अमेरिका के डेट्रॉयट में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं में धोखाधड़ी के मामले में भारतीय मूल के दो व्यक्ति भास्करन थंगरासन और संदीप अग्रवाल ने अदालत के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की ओर से शुक्रवार को घोषणा की गई कि मिशिगन की दो जिला अदालतों में तीन लोगों ने अपने-अपने जुर्म कबूल किए, इनमें भारतीय मूल के दो व्यक्ति भास्करन थंगरासन (37) और संदीप अग्रवाल (38) शामिल हैं। इनके अलावा वेन स्मिथ (47) नाम के एक व्यक्ति ने भी इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
इस मामले में थंगरासन और स्मिथ दोनों को 10-10 वर्ष की सजा और ढाई-ढाई लाख डॉलर जुर्माने का भुगतान करना होगा। दूसरी ओर अग्रवाल को 20 वर्ष कैद सुनाई जाएगी और 500,000 डॉलर का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अदालत के समक्ष थंगरासन ने स्वीकार किया कि सितंबर, 2003 से मई 2006 के बीच वह और उसके साथियों ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत 5,005,000 डॉलर का दावा किया जो वास्तव में लगभग यह 2,325,000 डॉलर था।
उधर, अग्रवाल ने स्वीकार किया कि इस हेराफेरी में सुरेश चंद का नाम शख्स उसका सहायक था। उल्लेखनीय है कि 1.8 करोड़ डॉलर की हेराफेरी के मामले में इसी वर्ष सितंबर में ही सुरेश को सजा सुनाई गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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