सुजु़की में हिस्सेदारी खरीदेगी वॉक्सवैगन

जर्मनी की कार कंपनी फ़ॉक्सवैगन जापान की सुज़ुकी मोटर में 20 फ़ीसदी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है. माना जा रहा है कि फ़रवरी में ये फ़ैसला अमल में लाया जाएगा.
इसके लिए वॉक्सवैगन 2.5 अरब डॉलर की रकम अदा करेगी. सु़ज़ुकी ने कहा है कि बदले में वो वॉक्सवैगन में भी हिस्सेदारी खरीदेगी.
माना जा रहा है कि इस नई साझेदारी से भारत और चीन के बाज़ार में अपना प्रभाव बढ़ाने में कंपनियों को मदद मिल पाएगी. वॉक्सवैगन चीन में दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी है जबकि भारत में बिकने वाली लगभग आधी कारें सुज़ुकी की हैं.
एक संयुक्त बयान में दोनों कार कंपनियों ने कहा कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी के लिए दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है.
विशेषज्ञों ने मानना है कि कम ईंधन में चलने वाली छोटी कार बनाने में सुज़ुकी की विशेषज्ञता का वॉक्सवैगन फ़ायदा उठाना चाहती है. वॉक्सवैगन यूरोप की सबसे बड़ी कार कंपनी है.
अहम साझेदारी
वॉक्सवैगन के मुख्य कार्यकारी मार्टिन विंटरकॉर्न ने कहा है, “विश्व की दो बड़ी कार कंपनियाँ हाथ मिला रही हैं और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की तैयारी कर रही हैं. अब हम मिलकर आगे बढ़ने के अवसर तलाश सकते हैं.”
दोनों कंपनियाँ मिलकर टोयोटा से ज़्यादा कारों कि बिक्री कर पाएँगी. टोयोटा विश्व की सबसे बड़ी कार कंपनी है.
इस साल जनवरी से लेकर जून तक वॉक्सवैगन और सुज़ुकी ने मिलकर 44 लाख कारें बेची हैं जबकि टोयोटा ने 36 लाख कारें बेची हैं.
कार बाज़ार पर नज़र रखने वाले चिज़ुको सात्सुकावा कहते हैं,”इस समझौते के बाद सुज़ुकी को निवेश फंड तक पहुंच मिल पाएगी. वित्तीय नज़िरए से सुज़ुकी के लिए ये अच्छा है कि तकनीक में निवेश करने के लिए उसके पास कोई साझीदार हो.”
पिछले महीने सुज़ुकी ने इस साल के अपने मुनाफ़े के पूर्वानुमान को तीन गुना कर दिया है.












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