राव की हालत बिगड़ी, नेताओं ने की अनशन समाप्त करने की अपील (लीड-1)

बुधवार को राव का अनशन 11वें दिन भी जारी रहा। उनकी देखरेख कर रहे निजाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) के चिकित्सकों ने कहा कि यदि उनका अनशन जारी रहा तो उनकी हालत और बिगड़ जाएगी। महबूबनगर से निर्वाचित राव चिकित्सकों के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। बुधवार को उनके रक्त के नमूने भी प्रयोगशाला नहीं भेजे जा सके।

चिकित्सकों ने कहा कि उनके रक्त में प्रोटीन और वसा का स्तर घटता जा रहा है और उनका वजन भी कम हो गया है। निम्स की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया है, "रक्त में प्रोटीन की मात्रा घटने के साथ उनमें प्रोटीन की कमी के संकेत उभर रहे हैं और वह कमजोर होते जा रहे हैं।"

चिकित्सकों ने कहा कि बेहद जरूरी होने के बावजूद राव ने नसों के जरिए दवा लेने से इंकार कर दिया है। बुलेटिन में कहा गया है, "उन्हें फौरन कुछ खाना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर उनकी हालत और भी बिगड़ जाएगी।"

प्रशासन ने तनाव को देखते हुए हैदराबाद और तेलंगाना के नौ जिलों में धारा 144 के तहत पांच या पांच से अधिक लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस ने आंदोलनकारियों के सख्त तेवर को देखते हुए विश्वविद्यालयों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

उस्मानिया विश्वविद्यालय के कई छात्रों और शिक्षकों की गिरफ्तारी और छात्रों के एक अन्य समूह की विधानसभा घेराव की कोशिश के बीच हैदराबाद में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। करीब 3,000 सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने विश्वविद्यालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को गिरफ्तार कर लिया।

परिसर के सभी हॉस्टलों को जबरदस्ती खाली करवाया गया और सभी छात्रों को हिरासत में ले लिया। जब छात्रों और अध्यापकों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन पर बल प्रयोग भी किया।

पुलिस उपायुक्त शेख मोहम्मद इकबाल का कहना है, "निषेधाज्ञा लागू है और छात्रों का जमा होना गैरकानूनी है इसलिए हमने उन्हें गिरफ्तार किया है।"

ये गिरफ्तारियां गुरुवार को छात्रों के विधानसभा तक जुलूस निकालने की योजनाओं को नाकाम करने के लिए की गईं। पुलिस अधिकारी ने कहा, "रैली के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। हमारी अपनी आशंकाएं हैं। असामाजिक तत्व गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं।"

पुलिस ने परिसर में घटनाक्रम को कवर कर रहे पत्रकारों की पिटाई की। पिछले तीन दिनों में परिसर में पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की यह दूसरी घटना है। मीडियाकर्मियों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस ने उस्मानिया विश्विद्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे विधान परिषद के सदस्य चुक्का रमैया को भी गिरफ्तार किया है।

इधर, राव का मुद्दा संसद में भी छाया रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राव की बिगड़ती हालत पर सरकार से बयान की मांग करते हुए राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। इस वजह से सदन की कार्यवाही एक बार स्थगित भी करनी पड़ी।

भाजपा नेता वेंकैया नायडू ने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, "मैं कल हैदराबाद में था और चिकित्सकों ने मुझे बताया कि राव की हालत बहुत गंभीर है और अगर वह दवा और भोजन ग्रहण नहीं करते तो उनकी स्थिति नियंत्रण से बाहर चली जाएगी। मैं सरकार का ध्यान इस ओर खींचना चाहता हूं। सरकार क्यों चुप है?"

पार्टी के एक अन्य सदस्य एस. एस. अहलूवालिया ने पूछा, "यह एक भावुक और गंभीर मुद्दा है। गृह मंत्री सदन में मौजूद हैं। इस पर वह बयान क्यों नहीं देते?"

लोकसभा में भी सभी दलों के नेताओं ने एक मत से राव से अनशन समाप्त करने की अपील की, हालांकि दलों के बीच राव की मांग को लेकर मतभेद थे। सरकार की ओर से संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी. नारायणस्वामी ने राव से अनशन समाप्त करने की अपील की।

अपने संदेश में लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि राव की स्थिति ठीक नहीं है और हम सभी उनके स्वास्थ्य के बारे में चिंतित है।

अलग तेलंगाना को पूर्ण समर्थन देते हुए सदन में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करते हुए मामले को सुलझाने के लिए कहा।

आडवाणी ने कहा, "राव सदन के एक सम्मानित सदस्य हैं। उनके स्वास्थ्य की स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही है। तेलंगाना का मामला महत्वपूर्ण है और सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।"

शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा कि 'अनशन तोड़ने का सवाल अहम है।'

जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने कहा कि स्थिति विस्फोटक है और राव को कुछ हो गया तो स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। सरकार को निश्चित रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए।

उधर, हैदराबाद में टीआरएस के विधायकों के हंगामे के बीच बुधवार को आंध्र प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। टीआरएस विधायकों के सदन द्वारा अलग तेलंगाना राज्य का प्रस्ताव लाने या इस मुद्दे पर त्वरित चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहने पर विधानसभा अध्यक्ष किरण कुमार रेड्डी ने बुधवार को सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित की। तीसरी बार उन्होंने दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।

भाजपा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने टीआरएस की इस मांग का समर्थन किया जबकि कांग्रेस सरकार का कहना था कि इस मुद्दे पर शुक्रवार को चर्चा कराई जाएगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री के. रोसैया ने कहा कि यह मुद्दा केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है। उन्होंने विधायकों से कहा, "यह एक संवेदनशील मुद्दा है। हम इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं ला सकते हैं।"

मुख्यमंत्री और अध्यक्ष ने सदन की ओर से टीआरएस के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव से उनका अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया।

प्रमुख विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी राव से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया। विपक्ष के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी अलग तेलंगाना के लिए प्रस्ताव लाने की मांग का समर्थन करती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+