पाकिस्तान के पंजाब में तालिबान का आतंक बढ़ा
सईद सलीम शाहजाद
इस्लामाबाद, 9 दिसम्बर (आईएएनएस)। आतंकवादियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों एवं उत्तरी वजीरिस्तान के तालिबानी नेता हाफिज गुल बहादुर के बीच संघर्ष विराम का फायदा उठाते हुए अपनी ताकत एवं संसाधन में इजाफा किया है। पंजाब में तालिबान की बढ़ती सक्रियता इसका सबूत है।
मध्य अक्टूबर में दक्षिणी वजीरिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य अभियान में तेजी की प्रतिक्रिया में तहरीके तालिबान नामक आतंकी संगठन ने पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत की राजधानी पेशावर में कई हमलों को अंजाम दिया, लेकिन पूर्वी पंजाब में आत्मघाती हमलों में तेजी से आतंकवादियों के प्रभाव क्षेत्र में विस्तार का पता चलता है।
पंजाब को निशाना बनाने के पीछे तालिबान नेता हकीमुल्लाह मेहसूद का खतरनाक मंसूबा छिपा है। माना जाता है कि वह सरकार को अस्थिर बनाने एवं सेना के मनोबल गिराने को दोहरे मिशन पर काम कर रहा है। इसमें इस संगठन को लश्करी जांगवी नामक कट्टर संगठन का साथ मिल रहा है।
पंजाब में कई हमलों को अंजाम दिया जा चुका है। मंगलवार को आतंकवादियों ने पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की सैन्य खुफिया सेवाओं को निशाना बनाया। मुल्तान में एक कार बम विस्फोट में 12 लोग मारे गए।
सोमवार को लाहौर के मून मार्केट को निशाना बनाया गया। इसमें कम से कम 49 लोग मारे गए। पिछले शुक्रवार को रावलपिंडी में सेना की एक मस्जिद को निशाना बनाया। इसमें एक मेजर जनरल, ब्रिगेडियर, 17 बच्चों समेत कई लोग मारे गए। तालिबान ने इस हमले की जिम्मेवारी लेने में कोई देर नहीं की। दक्षिणी वजीरिस्तान में तालिबान के प्रमुख मुफ्ती वलीउर रहमान ने कहा कि हमलों का यह दौर जारी रहेगा।
अपनी मौत से कुछ दिन पहले तालिबान नेता बैतुल्ला मेहसूद ने गुल बहादुर से सरकार के साथ संघर्ष विराम बनाए रखने को कहा था ताकि तालिबान को नए सिरे से संगठित होने का मौका मिल सके। आतंकवादियों की यह रणनीति कामयाब साबित हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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