'संप्रभुता का मुद्दा छोड़ने पर उल्फा से बातचीत'

Tarun Gogoi
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का कहना है कि अगर प्रतिबंधित संगठन लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) हिंसा और संप्रभुता अथवा स्वतंत्रता की मांग छोड़ दे तो सरकार उसके साथ शांति वार्ता को तैयार है।

गोगोई ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "उल्फा के साथ बातचीत के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं लेकिन इसके लिए उसे हिंसा का रास्ता और संप्रभुता की मांग छोड़नी पड़ेगी।" गोगोई ने यही बयान सोमवार को शुरू हुए राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान दिया। उन्होंने कहा, "अगर वे हिंसा छोड़ देते हैं तो हम उनका बाहें फैलाकर स्वागत करेंगे और अगर वे हिंसा जारी रखते हैं तो कड़ा रुख बनाए रखेंगे।"

उल्फा के संस्थापक अरविंद राजखोवा और उपप्रमुख राजू बरुआ की गिरफ्तारी के बाद सरकार की ओर से यह पहला औपचारिक बयान है। इन दोनों के अपने परिजनों के साथ कथित समर्पण करने की बात भी सामने आई थी जिसके बाद इनकी गिरफ्तारी की गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, "उल्फा नेताओं के परिजन स्वतंत्र हैं और उनकी पत्नियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। परिजन असम पुलिस के साथ हैं और जब चाहें अपने परिजनों के पास जा सकते हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+