तेलंगाना में बंद से जनजीवन प्रभावित, राव का अनशन जारी (राउंडअप)
उस्मानिया विश्वविद्यालय में इस मसले पर आवाज उठा रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की जिसमें कम से कम 20 लोग घायल हो गए। हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य नौ जिलों में तनाव की स्थिति की बरकरार है। उधर टीआरएस प्रमुख के.चंद्रशेखर राव का आमरण अनशन लगातार नौवें दिन जारी रहा।
बंद की वजह से लगातार दूसरे दिन आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें नहीं चलीं। तेलंगाना क्षेत्र में बंद समर्थकों ने राजमार्गो और सड़कों पर जाम लगा रखा है। हैदराबाद और तेलंगाना के दूसरे जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान, दुकानें, कोराबारी संस्थान, सिनेमा हॉल और पेट्रोल पंप बंद रहे। जिससे लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उस्मानिया विश्वविद्यालय में सोमवार को भी तनाव बरकरार रहा। यहां त्वरित कार्रवाई बल के जवान और सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे ताकि छात्रों को विधानसभा तक जुलूस निकालने से रोका जा सके।
त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों एवं पुलिसकर्मियों ने विश्वविद्यालय परिसर में रैली निकालने की छात्रों की कोशिशों को विफल करने के लिए ताकत का इस्तेमाल किया। ये छात्र तेलंगाना मुद्दे पर पिछले नौ दिनों से अनशन कर रहे तेलंगाना राष्ट्र समिति(टीआरएस) के प्रमुख के.चंद्रशेखर राव के प्रति एकजुटता जताने के लिए रैली निकालना चाहते थे।
हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों ने परिसर में जमा छात्रों को तितर-बितर करने के लिए ताकत का इस्तेमाल किया। छात्रों को वहां से भागकर आस-पास की कालोनियों में शरण लेनी पड़ी। जो छात्र अनशन पर बैठे थे उन्हें पीटा गया। कुछ पत्रकारों को भी पीटा गया। पुलिस का कहना है कि उसे ऐसी कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ा, क्योंकि छात्र पथराव करने लगे थे।
विश्वविद्यालय के आर्ट्स कॉलेज और छात्रावास से छात्रों को बाहर निकालने के लिए पुलिस वहां दाखिल भी हो गई। ये छात्र विधानसभा तक जुलूस लिकालने की तैयारी में थे। इनकी मांग हैं कि विधानसभा में जल्द से जल्द अलग तेलंगाना राज्य से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया जाए।
छात्रों और शिक्षकों के संगठन 'ज्वाइंट एक्शन कमिटी' ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया और मांग की है कि सरकार विश्वविद्यालय परिसर से सभी सुरक्षा बलों को हटा ले।
उधर करीमनगर और वारंगल जिलों में पार्टी के समर्थकों ने रेल यातायात को बाधित करने के लिए रेल पटरियों को अवरुद्ध कर दिया। दोनों जिले में हो रहे प्रदर्शन की वजह से रेल सेवाओं पर असर पड़ा है। नई दिल्ली से चलने वाली आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस सहित दर्जनों रेलगाड़ियों को प्रदर्शनकारियों ने इन जिलों में रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों ने करीमनगर में उप्पल रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस को रोक दिया वहीं वारंगल जिले में काजीपत जंक्शन के पास आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस को रोक दिया। इस दौरान रेल यातायात घंटों प्रभावित हुआ।
तेलंगाना में विरोध प्रदर्शन व्यापक रूप ले चुका है। यहां पांच लोगों ने आत्महत्या भी कर ली। रविवार को बंद का पहले दिन रविवार को तेलंगाना क्षेत्र पर बुरा असर पड़ा था।
उधर, हैदराबाद के निजाम आयुर्विज्ञान संस्थान (निम्स) में भर्ती राव का अनशन नौंवे दिन भी जारी रहा। चिकित्सकों का कहना है कि राव को तेज बुखार है वह काफी कमजोर हो चुके हैं। राज्य के मुख्यमंत्री के. रोसैया रविवार रात राव का हाल जानने निम्स पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि बीते 29 नवंबर को राव को गिरफ्तार करके 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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