जलवायु परिवर्तन पर कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन शुरू (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार रासमुसेन ने डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में आयोजित इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कहा, "यदि राजनीतिक इच्छा शक्ति हो तो मतभेदों को दूर किया जा सकता है। और मैं मानता हूं कि हमारे पास राजनीतिक इच्छा शक्ति है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित दुनिया के 110 नेताओं के इस 12 दिवसीय शिखर सम्मेलन के अंतिम चरणों में हिस्सा लेने की संभावना है।
इस सम्मेलन का व्यापक उद्देश्य ग्लोबल वार्मिग को रोकना और गरीब देशों को भारी सहायता के जरिए जलवायु परिवर्तन पर अंकुश लगाना है। यह उद्देश्य विकसित देशों के कार्बन उत्सर्जन में अगले दो दशकों के दौरान 1990 के स्तर के मुकाबले 25 से 40 प्रतिशत की कटौती कर हासिल किया जा सकता है।
सम्मेलन के शुरुआती दिन दुनिया के 45 देशों के 56 समाचार पत्रों में प्रकाशित एक लेख छाया रहा। इस लेख में दुनिया के नेताओं से निर्णायक कार्रवाई का आह्वान किया गया है।
लेख में कहा गया है, "बिना कार्रवाई के यह जलवायु परिवर्तन हमारे वातावरण को नष्ट कर देगा और इसके साथ ही हमारी समृद्धि और सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी।"
इस लेख को लंदन के समाचार पत्र 'द गार्जिनय' के एक दल ने समाचार पत्र से जुड़े 20 से भी अधिक संपादकों के साथ एक महीने से भी अधिक समय तक राय मशविरा करके तैयार किया है। इस लेख को प्रमुख अंग्रेजी, चीनी, अरबी, फ्रेंच और रूसी समाचार पत्रों ने प्रकाशित किया है। इन समाचार पत्रों में भारत का द हिंदू, फ्रांस का ली मोंडे, टोरंटो स्टार, बोत्सवाना गार्जियन, और द मियामी हेराल्ड शामिल हैं।
लेख में कहा गया है, "हम कोपेनहेगन में जुटे 192 देशों के प्रतिनिधियों से आह्वान करते हैं कि वे हतोत्साहित न हो, विवाद में न पड़े, एक दूसरे पर दोषारोपण न करें, बल्कि आधुनिक राजनीति की बड़ी विफलता के अवसर का लाभ उठाएं।"
टिप्पणीकारों ने लिखा है, "यदि इस तरह के भिन्न राष्ट्रीय और राजनीतिक उद्देश्यों के साथ हम इस मुद्दे पर सहमत हो सकते हैं, जिस पर हमें सहमत होना चाहिए तो निश्चितरूप से हमारे नेता भी वैसा कर सकते हैं।"
आयोजकों ने इस सम्मेलन को आज की तिथि में इसे धरती का सबसे बड़ा आयोजन करार दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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