कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन में कार्रवाई का आह्वान (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक लेख में कहा गया है, "बिना कार्रवाई के यह जलवायु परिवर्तन हमारे वातावरण को नष्ट कर देगा और इसके साथ ही हमारी समृद्धि और सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी।"
इस लेख को लंदन के समाचार पत्र 'द गार्जियन' के एक दल ने समाचार पत्र से जुड़े 20 से भी अधिक संपादकों के साथ एक महीने से भी अधिक समय तक राय मशविरा करके तैयार किया है। इस लेख को प्रमुख अंग्रेजी, चीनी, अरबी, फ्रेंच और रूसी समाचार पत्रों ने प्रकाशित किया है। इन समाचार पत्रों में भारत का द हिंदू, फ्रांस का ली मोंडे, टोरंटो स्टार, बोत्सवाना गार्जियन, और द मियामी हेराल्ड शामिल हैं।
लेख में कहा गया है, "हम कोपेनहेगन में जुटे 192 देशों के प्रतिनिधियों से आह्वान करते हैं कि वे हतोत्साहित न हो, विवाद में न पड़े, एक दूसरे पर दोषारोपण न करें, बल्कि आधुनिक राजनीति की बड़ी विफलता के अवसर का लाभ उठाएं।"
टिप्पणीकारों ने लिखा है, "यदि इस तरह के भिन्न राष्ट्रीय और राजनीतिक उद्देश्यों के साथ हम इस मुद्दे पर सहमत हो सकते हैं, जिस पर हमें सहमत होना चाहिए तो निश्चित रूप से हमारे नेता भी वैसा कर सकते हैं।"
ज्ञात हो कि ग्लोबल वार्मिग रोकने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र का शिखर सम्मेलन सोमवार को औपचारिक रूप से आरंभ हो गया है। इस सम्मेलन में करीब 200 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
12 दिवसीय इस सम्मेलन का उद्देश्य विकसित देशों में कार्बन उत्सर्जन में कटौती और गरीब देशों को भारी सहायता के जरिए जलवायु परिवर्तन पर अंकुश लगाना है।
आयोजकों ने इस सम्मेलन को आज की तिथि में इसे धरती का सबसे बड़ा आयोजन करार दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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