रावलपिंडी हमले में मेजर जनरल सहित 36 लोग मारे गए (राउंडअप)
मरने वालों में एक मेजर जनरल सहित सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। ये सभी जुमे की नमाज के लिए वहां जमा हुए थे। हमले के समय मस्जिद में सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
परेड लाइन में स्थित यह मस्जिद पाकिस्तानी सेना के जनरल के मुख्यालय के करीब है, जहां गत 10 अक्टूबर को 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मरने वालों में 17 बच्चे, 10 नागरिक और बख्तरबंद कोर के महानिदेशक मेजर जनरल बिलाल उमर खान सहित नौ सैन्य कर्मी शामिल हैं। पूर्व वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ, जनरल (सेवानिवृत्त) मोहम्मद यूसुफ 75 घायलों में शामिल हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि चार आतंकी मस्जिद के पास आए और हथगोला फेंकने लगे। उसके बाद उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। उसके बाद दो आत्मघाती हमलावर मस्जिद के अंदर घुस गए और उन्होंने खुद को उड़ा दिया। इलाके में तैनात सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई की और चारों हमलावरों को मार गिराया।
समाचार एजेंसी ऑनलाइन ने खबर दी है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी असलम तरीन ने कहा है कि हमले में 40 लोग मारे गए हैं और 80 घायल हो गए हैं। तरीन ने कहा है कि यह एक आत्मघाती हमला था। हमलावरों ने पहले मस्जिद में हथगोले फेंके और गोलीबारी की। उसके बाद उन्होंने खुद को उड़ा दिया।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने पुष्टि की है कि हमले में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है और 45 लोग घायल हैं। चार आतंकी भी मारे गए हैं।
सूत्रों के अनुसार मारे गए लोगों में अधिकांश सेना के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो ब्रिगेडियर और मेजर रैंक के हैं।
पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने 30 से अधिक लोगों के मारे जाने की बात कही है।
मलिक ने एक निजी टेलीविजन चैनल को बताया, "कुछ समय पहले प्राप्त हुई सूचना के अनुसार 30 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई सारे लोग घायल हो गए हैं। हमले में दो आत्मघाती हमलावर शामिल थे और हमले में मस्जिद की छत ध्वस्त हो गई है।"
समाचार एजेंसी ऑनलाइन ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि इस हमले में आठ आतंकी शामिल थे। मस्जिद में हथगोला फेंके जाने के पहले सुरक्षाकर्मियों और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई थी।
सेना के एक ब्रिगेडियर के चालक इश्तियाक ने बताया कि नमाज समाप्त होते ही एक-एक करके दो धमाके हुए।
समाचार एजेंसी डीपीए ने इश्तियाक के हवाले से कहा है, "ब्रिगेडियर अपने पुत्र के साथ मस्जिद में दाखिल हो गए थे, सुरक्षाकर्मी मेरी तलाशी ले रहे थे तभी मैंने पहला धमाका सुना और उसके फौरन बाद दूसरा धमाका हुआ।"
हमले के बाद सेना के हेलीकाप्टरों ने घटना स्थल के ऊपर उड़ान भरी और सुरक्षा कर्मियों ने इलाके में मोर्चा संभाल लिया। मस्जिद के पास स्थित एक विशाल परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस परिसर में सैन्यकर्मियों और उनके परिजनों के रहने के लिए आवासीय कॉलोनियां हैं।
समाचार एजेंसी ऑनलाइन के अनुसार सुरक्षा कर्मियों ने मस्जिद के पास एचवी 508 नंबर प्लेट वाली टोयोटा कार बरामद किया है। माना जा रहा है कि आतंकी इसी कार से आए थे। कार से पांच जीवित हथगोले बरामद किए गए हैं। बम निरोधक दस्ते ने बमों को तत्काल निष्क्रिय कर दिया।
पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों का ताजा दौर गत पांच अक्टूबर से जारी है। इनमें अब तक 250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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