प्रवासियों के उपद्रव के बाद लुधियाना में तनाव (लीड-1)
शहर के जिन इलाकों में बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी निवास करते हैं, उन इलाकों में शुक्रवार की शाम तक तनाव पसरा रहा।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पी.एस. गिल ने हालांकि शाम को कहा कि प्रभावित इलाकों में सड़क और रेल यातायात बहाल हो गए हैं और प्रशासन ने हालात पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है।
गिल ने राज्य मुख्यालय चंडीगढ़ में संवाददाताओं को बताया, "हमने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना स्थल पर भेज दिया है। हालात पर काबू करने के लिए पड़ोसी जिलों से पुलिस मंगाई गई है। हमने केंद्र सरकार से केंद्रीय बलों की दो टुकड़ियां मांगी है।"
प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आसूं गैस के गोले छोड़ने पड़े।
प्रदर्शनकारी पिछले कुछ महीनों से एक बाइकर्स गिरोह द्वारा उनके खिलाफ मचाए जा रहे उत्पात के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों द्वारा जारी हिंसा के मद्देनजर लुधियाना के पांच इलाकों में - डिविजन-छह और सात, शिमलापुरी, फोकल प्वाइंट और साहनेवाल में- कर्फ्यू लगा दिया गया है।
लुधियाना में प्रदर्शन कर रहे प्रवासियों ने मुख्य औद्योगिक केंद्रों के पास खड़े वाहनों को अपना निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गुस्साए प्रवासियों ने दो बसों, ट्रकों और कई अन्य वाहनों सहित कम से कम 25 वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
लुधियाना-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या एक (एनएच-1) पर स्थित शेरपुर इलाके के पास और साहनेवाल कस्बे के पास कई जगहों पर मार्गो को अवरुद्ध कर दिया गया था। रेलवे स्टेशन व रेलमार्गो को अवरुद्ध करने से यातायात प्रभावित हुआ। हिंसा के मद्देनजर लगभग छह ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया था।
प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया और हवा में गोलियां चलाई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया।
पंजाब के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) जे.पी. बिर्दी ने आईएएनएस को बताया, " क्षेत्र में काफी हिंसा हुई है। उपद्रवी भीड़ ने कई वाहनों में आग लगा दी। मैं स्वयं घटनास्थल पर पहुंच रहा हूं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications