पश्चिम बंगाल हिंसा पर प्रधानमंत्री से मिले तृणमूल और वाम दल
तृणमूल कांग्रेस की नेता और रेल मंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह गृह मंत्री पी.चिदंबरम से पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाओं पर जानकारी लेंगे।
इस बीच सूत्रों ने कहा है कि बनर्जी ने चिदंबरम द्वारा संसद में दिए गए उस बयान पर नाराजगी जाहिर की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल भेजा गया केंद्रीय दल राज्य सरकार को सहयोग करेगा।
नक्सलवाद प्रभावित पश्चिम मिदनापुर जिले में सेना की तैनाती की अपनी पार्टी की मांग को दोहराते हुए बनर्जी ने कहा कि यह मांग नक्सलियों और मार्क्सवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हथियारों को बरामद करने और राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए की गई है।
बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में चुनाव जीतने के लिए धारा 356 (राष्ट्रपति शासन) लागू करने की मांग नहीं कर रही है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "राज्य सरकार को संविधान के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए और अल्पसंख्यकों, महिलाओं व कमजोर वर्ग के लोगों की हिफाजत करनी चाहिए।"
बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, "हमने प्रधानमंत्री से कहा कि हम कोई अनुचित लाभ नहीं लेना चाहते।"
दूसरी ओर माकपा नेता सीताराम येचुरी के नेतृत्व में वामपंथी पार्टियों के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिला और राज्य में नक्सलियों और तृणमूल कांग्रेस के बीच संबंधों के बारे में सबूत पेश किया। येचुरी ने कहा कि मनमोहन सिंह ने राज्य में घट रही राजनीतिक घटनाओं पर गहरी चिंता जाहिर की।
येचुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वामपंथी नेताओं को भरोसा दिलाया है कि उनके द्वारा सौंपे गए सबूत गृह मंत्रालय को सौंप दिए जाएंगे ताकि इस मामले की जांच की जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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