एवरेस्ट की तलहटी में नेपाली मंत्रिमंडल की बैठक (लीड-1)
काठमांडू, 4 दिसम्बर (आईएएनएस)। कोपेनहेगन में जलवायु परिवर्तन के मसले पर होने वाले संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन से चंद रोज पहले शुक्रवार को नेपाल में प्रधानमंत्री माधव कुमार की अध्यक्षता में दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट की तलहटी में मंत्रिमंडल की एक ऐतिहासिक बैठक हुई। बैठक का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और उसकी वजह से पिघलती हिमालय की चोटियों के प्रति दुनिया का ध्यान आकृष्ट करना था।
नेपाल के इतिहास में 5542 मीटर की ऊंचाई पर काला पठार में पहली बार हुई इस किस्म की बैठक में 20 से ज्यादा मंत्रियों ने ऑक्सीजन मॉस्क लगा रखा था और उन्होंने जो जैकेट पहन रखी थी उन पर 'सेव द हिमालयाज' लिखा था।
सेना और निजी एयरलाइंस के हेलीकॉप्टरों ने मंत्रियों को बैठक स्थल तक पहुंचाया। बैठक निर्धारित समय से दो घंटे विलंब से शुरू हुई। बैठक 10 मिनट तक चली।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नेपाल ने कहा, "यह महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक है। विश्व को हिमालयी देशों के साथ एकजुट होना चाहिए। अब समय आ चुका है जब धरती के बढ़ते तापमान के नकारात्मक प्रभावों को रोका जाए। आइए हम अपने देशों से ही बलिदान शुरू करें।"
नेपाल ने कहा कि दुनियाभर को पहुंचे नुकसान के लिए विकसित देश जिम्मेदार हैं और इसलिए उनका दायित्व है कि वे प्रभावित देशों की मदद के लिए आगे आएं। हिमालय क्षेत्र में करीब 2000 पर्वतीय झीले हैं और इनमें से करीब 24 के तटबंध टूटने के कगार पर हैं।
नेपाली दैनिक राइजिंग नेपाल के अनुसार इस ऐतिहासिक बैठक में वरिष्ठ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, देश-विदेश के संवाददाताओं, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने हिस्सा लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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