बलूचिस्तान मामले में सबूत गढ़ रहा है पाकिस्तान : भारत (राउंडअप)

मिस्र के शर्म अल-शेख में भारत व पाकिस्तान के संयुक्त बयान का मसला गुरुवार को संसद में एक बार फिर उठा जब भारत ने बलूचिस्तान में आतंकवाद को समर्थन देने संबंधी पाकिस्तानी आरोपों को बेबुनियाद बताया।

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि समग्र वार्ता प्रक्रिया सिर्फ उसी सूरत में बहाल की जा सकती है जब पाकिस्तान पिछले साल के मुंबई आतंकी हमलों के कसूरवारों के खिलाफ पारदर्शक ढंग से कार्रवाई करे।

विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने राज्य सभा में बताया, "पाकिस्तानी विदेश मंत्री के दो वक्तव्यों को एक साथ देखने से यह बात जाहिर हो जाती है कि पाकिस्तान भारत की कथित भूमिका के बारे में सबूत गढ़ रहा है।"

उन्होंने कहा, "अभी तक रत्ती भर प्रमाण भी नहीं दिया गया है।" गत सात अगस्त को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था बलूचिस्तान में भारत का हाथ होने से जुड़े सबूत वक्त आने पर दिए जाएंगे। गत 22 नवंबर को उन्होंने कहा था कि भारत का हाथ होने के बारे में सबूत एकत्र किए जा रहे हैं।

एक प्रश्न के जवाब में कृष्णा ने कहा, "सरकार ने बलूचिस्तान में भारत के कथित दखल के बारे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और आंतरिक मंत्री के हवाले से ऐसी कुछ रिपोर्ट देखी हैं। सरकार ने इन खबरों को निराधार बताते हुए इनका जोरदार खंडन किया है।"

कृष्णा ने हाल में अमेरिका में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टिप्पणी की सराहना करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री कह चुके हैं कि हम अपने पड़ोसियों के साथ शांति से रहने वाले स्थिर और समृद्ध पाकिस्तान को भारत के हित में मानते हैं। हम पूरी तरह इसके समर्थक हैं।"

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान को अस्थिर करने में हमारी कोई दिलचस्पी नहीं है।" हालांकि कृष्णा भारतीय जनता पार्टी के राजीव प्रताप रूड़ी के इस प्रश्न का जवाब टाल गए कि क्या शर्म अल-शेख के साझा घोषणापत्र में बलूचिस्तान का उल्लेख एक भूल थी?

भाजपा ने कहा, "बलूचिस्तान शब्द पहली बार भारत-पाकिस्तान संयुक्त घोषणा पत्र में आया। क्या यह भूल थी? उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री से जानना चाहते हैं कि बलूचिस्तान शब्द संयुक्त घोषणा पत्र में कैसे आया?"

इस पर कृष्णा ने कहा, "इस प्रश्न का उत्तर सदन में दो बार दिया जा चुका है। यह कैसे हुआ, इस बारे में प्रधानमंत्री ने विस्तृत बयान दिया था। भारत का रुख खुली किताब की तरह है।"

प्रधानमंत्री पूरे प्रश्नकाल के समय सदन में मौजूद थे और वह इस दौरान मौन रहे।

एक पूरक प्रश्न के जवाब में कृष्णा ने भारत का पक्ष दोहराते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान 26 /11 के मुबंई हमलों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता, तब तक उससे कोई वार्ता नहीं होगी।

उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय शिखर बैठकों में हम पाकिस्तानी प्रतिनिधियों से मुलाकात करते हैं लेकिन हम प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य पर कायम हैं कि जब तक पाकिस्तान, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा तब तक उससे वार्ता नहीं होगी।"

उधर पाकिस्तान ने गुरुवार को फिर कहा कि बलूचिस्तान में भारतीय हाथ होने का उसके पास पर्याप्त सबूत है और उसे उपयुक्त समय पर पेश किया जाएगा।

समाचार एजेंसी ऑनलाइन ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित के हवाले कहा, "बलूचिस्तान में भारत शामिल है और हमारे पास इसके पर्याप्त सबूत हैं लेकिन इनका खुलासा समय आने पर किया जाएगा।"

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यह तय करेगा कि कब, कहां और कैसे इन सबूतों का खुलासा करना है।

भारत के बलूचिस्तान की हिंसा में हाथ होने के आरोपों से इंकार करने और इस संबंध में इस्लामाबाद द्वारा सबूत गढ़ने के बयान के दिन ही बासित की टिप्पणी सामने आई।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+