महंगाई को लेकर सदन में हंगामा

आपूर्ति और मांग में असंतुलन
शुक्ला के सवाल के जवाब में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि खाद्य पदार्थ जैसे दाल, तेल और चीनी की आपूर्ति और मांग में असंतुलन की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की बृंदा करात ने पूछा कि 40 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत से बेची जाने वाली चीनी के लिए सरकार क्या कर रही है। जब मुखर्जी करात के सवाल का जवाब दे रहे थे तो वाम दलों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
उपलब्धता कम
नारेबाजी से गुस्साए मुखर्जी ने कहा, "अपना गुस्सा यहां नहीं बल्कि कहीं और दिखाएं।" उन्होंने कहा कि इस वर्ष चीनी की उपलब्धता 1.6 करोड़ टन रहने की उम्मीद है जबकि आवश्यकता 2.3 करोड़ टन है। इसी वजह से किल्लत हुई और कीमत बढ़ गई।
मुखर्जी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर केंद्र ने राज्य सरकारों से संपर्क स्थापित किया था और उन्होंने प्रयास भी किया लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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