ओबामा-मनमोहन ने की अफगानिस्तान व कोपेनहेगन सम्मेलन पर चर्चा (राउंडअप)
बातचीत के दौरान ओबामा ने जलवायु परिवर्तन पर कोपेनहेगन में सात से 18 दिसंबर तक चलने वाले संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन की सफल परिणति के लिए मनमोहन सिंह से समर्थन मांगा। इस पर मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत इस सम्मेलन की सफल परिणति के लिए एक रचनात्मक भूमिका निभाएगा।
ओबामा का फोन ऐसे समय में आया है, जब उन्होंने एक सप्ताह पहले ही मनमोहन सिंह के साथ वाशिंगटन में व्यापक मुद्दों पर बातचीत की थी। बातचीत में कोपेनहेगन सम्मेलन में कोई एक सहमति बनाने और दोनों देशों के बीच हरित प्रौद्योगिकी में सहयोग की स्थिति तैयार करने तथा हरित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर होने जैसे मुद्दे भी शामिल थे।
यद्यपि फोन पर हुई बातचीत में अफगानिस्तान में स्थायित्व और शांति स्थापना के लिए आवश्यक कदमों पर खासतौर से चर्चा हुई, लेकिन दोनों नेताओं ने आगामी शिखर सम्मेलन के बारे में भी कुछ समय तक बातचीत की।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री को मंगलवार सुबह फोन किया। संक्षिप्त बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान के हालात और वहां स्थिरता और शांति लाए जाने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन पर कोपेनहेगन में आयोजित होने जा रहे शिखर सम्मेलन पर भी चर्चा की।"
बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ओबामा से कहा, "भारत शिखर सम्मेलन में एक रचनात्मक भूमिका निभाएगा और सम्मेलन की एक सफल परिणति चाहेगा।"
ओबामा के फोन ने इन कयासों को बल दिया है कि वह भारत पर सम्मेलन में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दबाव बना रहे हैं।
उम्मीद है कि ओबामा तालिबान के खिलाफ लड़ाई में हजारों अतिरिक्त सैनिकों को अफगानिस्तान में भेजने की घोषणा कर सकते हैं। अमेरिकी प्रशासन 30,000 से 35,000 अतिरिक्त सैनिकों को अफगानिस्तान भेजने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
इस मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए ओबामा के कई अन्य देशों के नेताओं को भी फोन करने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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