जनता के लिए नहीं खुलेगा यूनियन कार्बाइड संयंत्र

Bhopal Gas Tragedy
भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी की 25 वीं बरसी पर यूनियन कार्बाइड संयंत्र आम जनता के लिए खोलने के इरादे से मध्य प्रदेश सरकार पीछे हट गई है। उच्च न्यायालय से अनुमति मिलने के बावजूद इरादा बदलने की वजह स्थानीय नगर निकाय चुनावों की आचार संहिता का लागू होना बताया जा रहा है।

राज्य के गैस राहत मंत्री बाबूलाल गौर ने त्रासदी की 25 वीं बरसी पर संयंत्र को आम जनता के लिए खोलने की घोषणा की थी, ताकि लोग हजारों लोगों की जान लेने वाले इस संयंत्र को देख सकें। लेकिन इससे संबद्ध मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण सरकार ने उच्च न्यायालय जबलपुर में आवेदन कर अनुमति मांगी थी जिस पर सरकार को सुरक्षा के इंतजाम करने की हिदायत के साथ संयंत्र खोलने की अनुमति मिल गई थी।

आचार संहिता का उल्‍लंघन नहीं कर सकते

उच्च न्यायालय का निर्देश मिलने पर गौर ने कहा कि उनकी सरकार संयंत्र को आमजनों के लिए खोलना चाहती है मगर नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण फिलहाल इसे खोलने का इरादा त्याग दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करना चाहते। साथ ही उन्होंने कहा कि आगे चलकर संयंत्र को आम जनता के लिए खोला जाएगा।

भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार ने संयंत्र को आम जनता के लिए खोले जाने का विरोध करते हुए कहा था कि सरकार इस तरह के कदम उठाकर डाव कैमिकल्स को क्लीन चिट देने का काम कर रही है।

इसी तरह तीन संगठनों भोपाल ग्रुप आफ इंफार्मेशन एण्ड एक्शन, भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ और भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ 'झूठ बोले कौवा काटे' अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+