शेख मुजीब की हत्या मामले पर फ़ैसला आज

हत्या के दोषी पांच पूर्व सैन्य अधिकारी अपनी सज़ा के ख़िलाफ़ अपील कर रहे हैं. इसपर फैसले के मद्देनज़र देश भर में हज़ारों अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. बांग्लादेश सरकार ने चेतावनी दी है कि बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले और मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता की हत्या के मामले में अभियुक्तों के समर्थक अदालत की कार्रवाई को अवरुद्ध कर सकते हैं.
सरकार ने उन लोगों पर पिछले महीने अभियोजन पक्ष के एक वकील पर ग्रेनेड हमले का आरोप लगाया था. उस घटना में कई लोग घायल हो गए थे. पुलिस ने इन अभियुक्तों के कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में लिया था और सेना का कहना था कि वो इस बात की जांच कर रही है कि इन लोगों के फ़ौज में कार्यरत मौजूदा अधिकारियों से संबंध तो नहीं हैं.
अभी तक किसी पर भी इस हमले की ज़िम्मेदारी के आरोप तय नहीं हुए है और बंदी बनाए गए लोगों का कहना है कि उनका उस ग्रेनेड हमले से कोई लेना देना नहीं था. पर पुलिस का कहना है कि वो कोई खतरा मोल नहीं लेनी चाहती.
कड़ी सुरक्षा
देश भर में सर्वोच्च न्यायालय, जहाँ शेख मुजीब की हत्या के मामले में सज़ा सुनाई जाएगी, विदेशी दूतावासों और सरकारी टेलीविज़न और रेडियो स्टेशनों तथा अन्य प्रमुख इमारतों के बाहर 12 हज़ार अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए हैं. जिन पांच पूर्व सैनिकों पर मामला चल रहा है वे शेख मुजीब की हत्या के आरोपों से इनकार नहीं करते पर उनका कहना है कि उन पर मुक़दमा नागरिक नहीं बल्कि सैन्य अदालत में चलना चाहिए.
अगर उनकी अपील नहीं मानी जाती तो उन्हें फाँसी की सज़ा होगी. इनके छह साथी साज़िशकर्ता भगौड़े विदेशों में रह रहे हैं और उन्हें भी मौत की सज़ा सुनाई गई है. दिसम्बर में चुनी गई शेख हसीना सरकार की एक प्राथमिकता दोषियों को सज़ा सुनाने की रही है. वे इस हत्याकांड में इसलिए जीवित बच पाई थीं क्योंकि उस समय वो देश से बाहर थीं.












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