रेड्डी बंधुओं को आंध्र में झटका

अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों से साथ विचारविमर्श के बाद मुख्यमंत्री के रोसैया ने यह फैसला लिया। गाली जनार्दन रेड्डी की ओबलापुरम माइनिंग कंपनी (ओएमसी) पर आरोप है कि उसने पट्टे से अधिक क्षेत्र में खनन किया और दूसरी कंपनियों को आवंटित जगहों पर भी क़ब्ज़ा कर लिया.
गाली जनार्दन रेड्डी राज्य में पर्यटन मंत्री हैं जबकि उनके भाई करुणाकरण रेड्डी राज्य में राजस्व मंत्री हैं. इन दोनों भाइयों का कर्नाटक में जो राजनीतिक दबदबा है, कमोबेश उतना ही आंध्र प्रदेश में भी है. इसकी वजह दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी और उनके परिवार से रेड्डी बंधुओं की निकटता रही है.
रेड्डी बंधु भी उसी रायलसीमा इलाक़े के रहने वाले हैं जो राजशेखर रेड्डी का इलाक़ा है.विपक्षी तेलगु देशम पार्टी आरोप लगाती रही है कि रेड्डी बंधुओं और वाईएस राजशेखर रेड्डी के सांसद बेटे जगनमोहन रेड्डी के बीच व्यावसायिक साझेदारी है.हालांकि जगनमोहन रेड्डी इन आरोपों का खंडन करते हैं.
लेकिन तेलगुदेशम पार्टी के पिछले दिनों के राजनीतिक आंदोलनों ने और इस धमकी ने कि वह रेड्डी बंधुओं के मामले को जनता के बीच ले जाएगी, आंध्र प्रदेश सरकार को झुका दिया है. यह और बात है कि जनार्दन रेड्डी ने भी सीबीआई जाँच के फ़ैसले का स्वागत किया है.












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