रिश्ते आगे बढ़े: ओबामा

उनका कहना है इन रिश्तों में पर्यावरण, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय अहमियत के अनेक अन्य मुद्दे शामिल हैं.अमरीका के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद बराक ओबामा की एशिया की ये पहली यात्रा है. वे टोक्यो और सिंगापोर की यात्रा के बाद चीन पहुँचे थे और इसके बाद वे दक्षिण कोरिया जाएँगे.
'रिश्ते आगे बढ़ सकते हैं' चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ का कहना था, "हम उस कगार पर हैं जब ये रिश्ते और आगे बढ़ सकते हैं." चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ का कहना था, "हम उस कगार पर हैं जब ये रिश्ते और आगे बढ़ सकते हैं."एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि संभावना यह है कि दोनों नेताओं की बैठक में व्यापार से संबंधित विवाद और अर्थव्यवस्था के मुद्दे छाए रहे होंगे.
अमरीका का मानना है कि चीन अपनी मुद्रा का मूल्यांकन काफ़ी घटाकर रख रहा है जिससे विश्व की आर्थिक स्थिति बेहतर करने में मुश्किलें पेश आ रही हैं.उधर चीन की चिंता है कि अमरीका की वित्तीय नीतियों के कारण अमरीका में उसके विशाल पूँजी निवेश पर असर पड़ रहा है.
इससे पहले ओबामा ने चीनी राष्ट्रपति हू जिताओं से बातचीत की थी और दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन और उत्तर कोरिया के मुद्दों पर सहयोग करने पर सहमति जताई थी.राष्ट्रपति ओबामा ने कहा था कि हू जिंताओ के साथ बातचीत में उन्होंने मानवाधिकारों और तिब्बत के मुद्दे भी उठाए थे.
बैठक के बाद हू जिंताओ ने कहा था, "...दोनों देश बराबरी की भावना...और एक दूसरे के अंदरूनी मामलों में दख़ल न देने की भावना के साथ इन मुद्दों पर बात कर सकते हैं..."












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