कांग्रेस-एनसीपी में विवाद, सरकार बनने में देरी

राज्यपाल ने तलब किया
एक तरफ एनसीपी दबाव बना रही है कि सरकार 1999 के फामरूले के आधार पर ही बने। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के विधायक मंत्रीमंडल में दबदबा बनाने पर उतारू हैं। इस खींचतान को देखते हुए मंगलवार को प्रदेश के राज्यपाल एससी जमीर ने मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल को तलब किया। लेकिन दोनों में से काई भी राज्यपाल को स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद भुजबल ने कहा कि कांग्रेस अकेली सरकार बनाए, एनसीपी समझौता होने तक शामिल नहीं होगी। हालांकि बाहर से पूरा समर्थन रहेगा। उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि कुछ मुद्दों को लेकर कांग्रेस और एनसीपी के बीच मतभेद चल रहे हैं। जबतक वो सुलझ नहीं जाते, सरकार नहीं बन सकेगी।
भाजपा ने की राष्ट्रपति शासन की मांग
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने भुजबल की बात को नकारते हुए कहा कि बाहर से समर्थन का कोई सवाल ही नहीं उठता। एनसीपी कांग्रेस के साथ है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही मुद्दे सुलझ जाएगे और राज्य में सरकार का गठन हो जाएगा।
कांग्रेस और एनसीपी के बीच चल रही खींचतान को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। फिलहाल इस पर अन्य दलों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं राज्यपाल ने कांग्रेस और एनसीपी से सरकार का गठन जल्द करने को कहा है।












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