कांग्रेस में 'जय हो', भाजपा में 'भय हो'

गुरुवार चुनाव के अंतिम नतीजे आने से पहले ही भाजपा ने महाराष्ट्र में अपनी हार स्वीकार कर ली। भाजपा ने कहा कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन को इस बारे में मंथन करने की जरूरत है, आखिर वो विधानसभा चुनावों में क्यों नाकाम रहे। भाजपा की प्रदेश इकाई के सचिव विनोद तावड़े ने कहा कि शिव सेना और भाजपा काफी आत्ममंथन करेंगे।
भाजपा ने हार स्वीकारी
वहीं भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख नितिन गडकरी ने कहा कि पार्टी को हार स्वीकार कर भविष्य की ओर देखना चाहिए। महाराष्ट्र और हरियाणा में करारी हार ने भाजपा के आलाकमान को भी भयभीत कर दिया है, क्योंकि इन चुनावों ने अन्य प्रदेशों में भी उखड़ती हुई भाजपा की नीव को दर्शा दिया है।
भाजपा ने खुद कहा है कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) गठबंधन महाराष्ट्र में फिर से सत्ता वापसी कर सकता है। जाहिर है विरोधी पार्टी ने यह बात चुनाव परिणामों के रुझानों के आधार पर ही कही है। परिणाम भी ऐसे कि कांग्रेस की हर जगह जय हो रही है।
तीनों राज्यों के ताजा रुझान
महाराष्ट्र में कांग्रेस गठबंधन 137 सीटों पर जीत की ओर अग्रसर है वहीं भाजपा गठबंधन को सिर्फ 100 सीटों पर बढ़त मिली है। मनसे भी 9 सीटों पर कब्जा करती दिख रही है। उधर हहरियाणा में कांग्रेस 46 सीटों पर आगे है, जबकि भाजपा सिर्फ 8 सीटों पर आगे दिख रही है। अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस 31 और भाजपा 1 सीट पर आगे है।












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