यूपी: प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन फूंकी
अपर पुलिस महानिदेशक(कानून-व्यवस्था) द्वितीय अरविंद कुमार जैन ने मौके पर रवाना होने से पहले लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि अलीगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस के सभी आला अधिकारी भारी संख्या में पुलिस बल, प्रांतीय सशस्त्र बल(पीएसी) और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां के साथ मौके पर पुहंचकर स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। राहत और बचाव का कार्य जारी है।
स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रित
जैन ने कहा कि फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। हाथरस होकर दिल्ली और लखनऊ आने वाली रेलगाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन कर दिया गया है।
इससे पहले हाथरस के राजकीय रेलवे पुलिस(जीआरपी) प्रभारी जसपाल सिंह ने बताया कि करीब 100 से ज्यादा स्थानीय लोगों ने नई दिल्ली से कोलकाता के बीच चलने वाली महानंदा एक्सप्रेस को स्टेशन पर रोककर उसके छह डिब्बों में आग लगा दी और रेलगाड़ी के इंजन के पीछे लगी बोगी को क्षतिग्रस्त कर दिया। सभी छह डिब्बे बुरी तरह से जल गए हैं।
रेलवे स्टेशन पर भगदड़
उन्होंने कहा कि आगजनी के बाद स्टेशन पर भगदड़ मच गई। रेलगाड़ी में बैठे यात्री उतरकर बाहर भागने लगे। हालांकि घटना में किसी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है। सिंह ने बताया कि हालात काबू में करने मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए उन पर हल्का बल का प्रयोग कर आंसू गैस के गोले छोड़े। जिस पर उग्र भीड़ ने स्टेशन में तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुछ प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें आने की खबर है। रेलवे प्रशासन ने हाथरस रेलवे स्टेशन को बंद करके सारे कार्य वहां से करीब 15 किलोमीटर दूर मेहू रेलवे स्टेशन से कराने का फैसला किया है। स्थानीय लोग रेलवे प्रशासन के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि हाथरस स्टेशन बंद हो जाने से आवाजाही में समस्याएं आएंगी। क्योंकि मेहू स्टेशन शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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